×

दस साल की मेहनत के बाद प्रकाशित हुआ 'शीत्सांग भित्तिचित्र संग्रह'

 

बीजिंग, 2 अगस्त (आईएएनएस)। दस वर्षों के शोध और दस्तावेजीकरण के बाद 'शीत्सांग भित्तिचित्र संग्रह' का पूर्ण संस्करण प्रकाशित किया गया है। इस पुस्तक श्रृंखला को हुनान प्रांतीय पुरातत्व एवं सांस्कृतिक अवशेष अनुसंधान संस्थान, शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश के सांस्कृतिक संरक्षण अनुसंधान संस्थान समेत नौ पुरातत्व संस्थानों के सहयोग से तैयार किया गया है।

इसका प्रकाशन हाल ही में चाइना साइंस पब्लिशिंग एंड मीडिया लिमिटेड ने किया है। यह संग्रह 'शीत्सांग प्राचीन भित्तिचित्र डिजिटलीकरण परियोजना' पर आधारित है, जिसमें शीत्सांग के सात शहरों के 280 मंदिरों, आवासों और जागीरों में मौजूद भित्तिचित्रों को शामिल किया गया है। यह संग्रह छह खंडों और सात पुस्तकों के रूप में प्रकाशित हुआ है।

इस संग्रह में तिब्बती भित्तिचित्रों का विस्तृत परिचय दिया गया है। इसमें भित्तिचित्रों के विषयों का प्रतिमा विज्ञान के आधार पर विश्लेषण, उनका भौगोलिक वितरण, उनकी प्रमुख विशेषताएं और तिब्बती चित्रकला शैली के विकास का इतिहास शामिल है। इसके साथ ही उन दूरदराज के छोटे मंदिरों और गुफाओं के भित्तिचित्रों का भी दस्तावेजीकरण किया गया है, जिन पर पहले बहुत कम ध्यान दिया गया था। यह संग्रह चीनी राष्ट्र की बहुजातीय और एकीकृत संरचना को समझने के लिए महत्वपूर्ण पुरातात्विक साक्ष्य भी उपलब्ध कराता है।

श्रृंखला के संयोजक और हुनान प्रांतीय पुरातत्व एवं सांस्कृतिक अवशेष अनुसंधान संस्थान के शोधकर्ता छाई ह्वानपो ने कहा कि यह संग्रह तिब्बती भित्तिचित्रों की वर्तमान स्थिति का महत्वपूर्ण दस्तावेज है। साथ ही, यह भविष्य में इनके संरक्षण की योजनाएं तैयार करने के लिए आधार सामग्री उपलब्ध कराएगा और तिब्बती संस्कृति के संरक्षण तथा उसके व्यापक प्रसार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

--आईएएनएस

डीकेपी/