'डराने का नया तरीका', कांग्रेस प्रत्याशी की गिरफ्तारी पर बोले शुभंकर सरकार
कोलकाता, 18 सितंबर (आईएएनएस)। नंदीग्राम उपचुनाव से ठीक पहले कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी पर राजनीति बयानबाजी तेज है। 2007 के नंदीग्राम आंदोलन के समय के लगभग दो दशक पुराने हत्या के मामले में हुई इस अचानक गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस ने भाजपा और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने कहा, "बंगाल में डराने-धमकाने का एक नया तरीका शुरू हो गया है, लेकिन हमारे नेता राहुल गांधी ने कहा है कि 'किसी को डराओ मत और डरो भी मत।' भाजपा डरी हुई है, आज वे नंदीग्राम से भागकर भवानीपुर आ गए। उन्हें क्यों आना पड़ा? क्योंकि वे जानते हैं कि नंदीग्राम भाजपा के साथ है।"
उन्होंने गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाते हुए कहा, "मैं एक बात बताना चाहता हूं। मिलन प्रधान इतने दिनों से खुलेआम घूम रहे थे और पुलिस को उनसे कोई दिक्कत नहीं थी, लेकिन जैसे ही वे इंडियन नेशनल कांग्रेस के उम्मीदवार बने, अचानक उन पर आरोप लगाए जाने लगे।"
शुभंकर सरकार ने आगे कहा, "नंदीग्राम पुलिस स्टेशन यह नहीं कह पा रहा है, चुनाव आयोग भी यह नहीं कह पा रहा है। जैसा कि आप सभी जानते हैं, कानूनी तौर पर चुनाव के समय चुनाव आयोग का अधिकार क्षेत्र होता है। मामला चाहे जो भी हो, वे इतने लंबे समय से तलाश कर रहे थे, कहने के लिए कुछ नहीं था। उम्मीदवार बनने के बाद ही उन्हें तुरंत गिरफ्तार करना होगा? वह इंडियन नेशनल कांग्रेस के उम्मीदवार हैं।"
उन्होंने इसे तानाशाही बताते हुए कहा, "पूरे देश में भाजपा जिस तरह की तानाशाही चला रही है, वैसी ही बंगाल में भी हो रही है, जबकि यहां तथाकथित 'डबल-इंजन सरकार' है। उनका संदेश लगता है—'एक देश, एक चुनाव और एक राजनीतिक पार्टी।'"
वहीं, कांग्रेस नेता सुमन राय चौधरी ने कहा, "जहां तक मुझे पता है, मिलन प्रधान नंदीग्राम आंदोलन का एक प्रमुख चेहरा थे। राजनीतिक आंदोलनों में कभी-कभी मामले और वारंट लंबित रह जाते हैं। इतने सालों तक किसी को पता नहीं था कि उनके खिलाफ मामले लंबित हैं। नामांकन के आखिरी दिन से ठीक पहले ही यह कदम क्यों उठाया गया? पश्चिम बंगाल सरकार और सत्ताधारी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी को अचानक याद आया कि मिलन प्रधान को गिरफ्तार किया जाना चाहिए, क्योंकि वह आईएनसी के उम्मीदवार हैं। यह राजनीतिक प्रतिशोध है।"
कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा चुनाव से पहले विपक्ष को डराने के लिए पुराने मामलों को हथियार बना रही है, जबकि भाजपा का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है।
--आईएएनएस
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