दानिश अंसारी का सपा पर हमला, बोले- विकास नहीं, अपराध बढ़ाना उनका एजेंडा
लखनऊ, 13 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दानिश अंसारी ने समाजवादी पार्टी (सपा) और अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सपा का एकमात्र एजेंडा भारतीय जनता पार्टी की विकास यात्रा को रोकना, उत्तर प्रदेश की खुशहाली में बाधा डालना और प्रदेश के विकास के रास्ते में रोड़े अटकाना है।
उन्होंने कहा, "समाजवादी पार्टी यह नहीं चाहती कि उत्तर प्रदेश विकास के पथ पर आगे बढ़े। उनका उद्देश्य प्रदेश के जन-जन की प्रगति को रोकना और अपराध को बढ़ावा देना है। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ईमानदारी, तत्परता और गंभीरता के साथ प्रदेश के विकास को सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है। प्रदेश के हर जनपद को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और हर जाति, धर्म, मजहब एवं वर्ग के लोगों की उन्नति के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। यही बात समाजवादी पार्टी को स्वीकार नहीं हो रही है।"
उन्होंने कहा, "समाजवादी पार्टी ने अपने शासनकाल में केवल अपराधियों को संरक्षण देने का काम किया। उनके कार्यकाल में लूट, हत्या और अपराध को बढ़ावा मिला। उन्होंने हिंसा और दंगों की राजनीति की। एक तरफ समाजवादी पार्टी है, जो दंगों को बढ़ावा देती है, जबकि दूसरी तरफ डबल इंजन सरकार है, जिसने उत्तर प्रदेश को भयमुक्त और अपराधमुक्त बनाने की दिशा में ईमानदारी से कार्य किया है।"
राहुल गांधी के 'सीट चोरी' के आरोप पर पलटवार करते हुए दानिश अंसारी ने कहा, "जिन राज्यों में कांग्रेस चुनाव जीतती है, वहां वह खुशी-खुशी सरकार बनाती है। यदि उन्हें चुनाव प्रक्रिया पर इतनी ही आपत्ति है, तो जिन राज्यों में वे जीते हैं, वहां से भी उन्हें विड्रॉ कर लेना चाहिए। यह दोहरा मापदंड नहीं चल सकता।"
उन्होंने कहा, "राहुल गांधी केवल जनता को भ्रमित करने की नीयत से ऐसे बयान दे रहे हैं। यदि पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों की जनता ने भारतीय जनता पार्टी को चुना है, तो उस जनादेश का सम्मान करना विपक्ष का कर्तव्य है। भाजपा ने अपने काम और जनता की सेवा के बल पर लोगों का विश्वास जीता है। जनता के मतों का इस प्रकार अपमान करना राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी के राजनीतिक पतन का कारण बन रहा है।"
उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा, "ममता बनर्जी के शासनकाल में पश्चिम बंगाल लंबे समय तक हिंसा और दंगों की आग में झुलसता रहा। उनकी सरकार पर लगातार पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने और लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी करने के आरोप लगते रहे हैं। ममता बनर्जी ने अपने कार्यकाल में जनता की अपेक्षाओं के विपरीत कई फैसले लिए। उनके शासनकाल के दौरान अपनाए गए रवैये और कार्यों का परिणाम उन्हें अब राजनीतिक रूप से भुगतना पड़ रहा है।"
--आईएएनएस
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