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पटना के सिस्टर निवेदिता बालिका विद्यालय में श्रेई ने किया इंफ्रास्ट्रक्चर आधुनिकीकरण

 

पटना, 4 जुलाई (आईएएनएस)। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 और समग्र शिक्षा योजना के तहत स्कूली शिक्षा में डिजिटल बदलाव को बढ़ावा देने की दिशा में श्रेई इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस लिमिटेड ने कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत पटना जिले के मनेर स्थित सिस्टर निवेदिता गर्ल्स स्कूल के डिजिटल, पावर और व्यावसायिक (वोकेशनल) इंफ्रास्ट्रक्चर के आधुनिकीकरण की घोषणा की है।

यह परियोजना गैर-सरकारी संस्था 'नई धरती' के सहयोग से लागू की गई है, जिसका उद्देश्य दलित, वंचित और सामाजिक रूप से पिछड़े समुदायों की बालिकाओं को आधुनिक शिक्षा और रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।

विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान श्रेई इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) हरदयाल प्रसाद ने इस परियोजना का औपचारिक शुभारंभ किया। इस पहल के तहत विद्यालय में 58 केवीए क्षमता का डीजल जनरेटर, 75 इंच के एलजी इंटरएक्टिव स्मार्ट बोर्ड, स्वचालित फूड प्रोसेसिंग मशीनें तथा औद्योगिक स्तर का कमर्शियल वाटर प्यूरीफिकेशन सिस्टम स्थापित किया गया है।

कंपनी का कहना है कि इन सुविधाओं से छात्राओं को आधुनिक डिजिटल शिक्षा के साथ-साथ कौशल आधारित प्रशिक्षण भी मिलेगा।

इस अवसर पर हरदयाल प्रसाद ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 डिजिटल शिक्षा को नई दिशा देने का रोडमैप प्रस्तुत करती है और श्रेई इस अभियान को जमीनी स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचा केवल सड़क, पुल और बिजली तक सीमित नहीं है, बल्कि मानव संसाधन का विकास भी राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में आधुनिक तकनीक और विश्वसनीय आधारभूत सुविधाओं से लैस यह विद्यालय छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

कार्यक्रम में विद्यालय की छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। 'नई धरती' की संस्थापक एवं सचिव नंदिता बनर्जी ने कहा कि संस्था वर्ष 2011 से दलित, मुसहर, झुग्गी-झोपड़ी और अन्य वंचित समुदायों की करीब 100 बालिकाओं को निःशुल्क शिक्षा, आवास, वर्दी और अध्ययन सामग्री उपलब्ध करा रही है।

उन्होंने कहा कि श्रेई के सहयोग से छात्राओं को आधुनिक तकनीक, डिजिटल शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण का लाभ मिलेगा, जिससे वे भविष्य में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मजबूत कदम उठा सकेंगी।

--आईएएनएस

एमएनपी/डीकेपी