×

दक्षिण कोरिया: विदेश यात्रा को लेकर विपक्ष ने उठाए सवाल, राष्ट्रपति ली बोले- कूटनीति के लिए जरूरी

 

पेरिस/सोल, 10 सितंबर (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग हाल ही में तीन देशों की यात्रा पर निकले। उनके लगातार दौरे को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाया तो उन्होंने इसे कूटनीतिक लिहाज से जरूरी करार दिया। उन्होंने कहा कि ये विदेश यात्राएं महज दौरे नहीं, बल्कि देश के हितों को आगे बढ़ाने और कूटनीतिक रिश्तों को मजबूत करने का महत्वपूर्ण जरिया हैं।

योनहाप न्यूज एजेंसी ने बताया कि फ्रांस की चार दिवसीय यात्रा के आखिरी दिन बुधवार को पेरिस में दक्षिण कोरियाई समुदाय के साथ मुलाकात के दौरान ली ने कहा कि उन्होंने अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के शुरुआती दौर में ही कई विदेश यात्राओं की योजना बनाई है। उनके मुताबिक, अगर किसी राष्ट्रपति के कार्यकाल के काफी बाद शिखर कूटनीति शुरू की जाती है तो उसके प्रभाव का फायदा लंबे समय तक उठाना मुश्किल हो सकता है।

ली ने कहा कि राष्ट्रपति का कार्यकाल संविधान के अनुसार स्पष्ट रूप से सीमित है और ऐसे में कूटनीतिक पहलों की शुरुआत जल्द करना जरूरी है, ताकि उनसे मिलने वाले लाभ आगे भी जारी रह सकें।

राष्ट्रपति की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब दक्षिण कोरिया के विपक्षी सांसदों ने उनकी विदेश यात्राओं और संविधान में संभावित बदलाव को लेकर सवाल उठाए हैं। विपक्ष के कुछ नेताओं ने आशंका जताई है कि राष्ट्रपति और सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक पार्टी की संविधान संशोधन की पहल का मकसद ली के लिए दोबारा राष्ट्रपति बनने का रास्ता तैयार करना हो सकता है। हालांकि दक्षिण कोरिया के मौजूदा संविधान के मुताबिक राष्ट्रपति का कार्यकाल पांच साल का होता है और दोबारा चुनाव का प्रावधान नहीं है।

सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक पार्टी चार साल के दो कार्यकाल वाली राष्ट्रपति प्रणाली लागू करने के लिए संविधान में बदलाव की वकालत कर रही है। वहीं विपक्ष इस मुद्दे को लेकर राष्ट्रपति की मंशा पर सवाल उठा रहा है।

ली ने हालांकि विदेश यात्राओं का बचाव करते हुए कहा कि शिखर स्तर की कूटनीति से दक्षिण कोरिया को निवेश, आर्थिक सहयोग और सुरक्षा के क्षेत्र में नए अवसर मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की बढ़ती स्थिति का भी लाभ उठाया जाना चाहिए। राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि वह ऐसा काम करना चाहते हैं जिससे देश की जनता को चिंता करने की जरूरत न पड़े।

ली हाल ही में विदेश यात्रा पर फ्रांस गए थे। उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ शिखर वार्ता की। यह यात्रा दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 140 वर्ष पूरे होने के मौके पर हुई। यात्रा के दौरान दोनों देशों ने रक्षा, परमाणु ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और अन्य उन्नत तकनीकों सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।

ली ने फ्रांस यात्रा के दौरान दक्षिण कोरिया और फ्रांस के बीच आर्थिक और कारोबारी सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया। पेरिस में आयोजित एक कारोबारी बैठक में दोनों देशों की कंपनियों ने एआई, मोबिलिटी, ऊर्जा और सौंदर्य उद्योग जैसे क्षेत्रों में संयुक्त परियोजनाओं और निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की।

दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति की इस यात्रा में क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे भी प्रमुख रहे। ली और मैक्रों के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी तनाव से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने समुद्री मार्गों और आपूर्ति श्रृंखलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सहयोग जारी रखने पर सहमति जताई।

ली ने फ्रांस यात्रा से पहले उत्तर कोरिया और अमेरिका के बीच बातचीत फिर शुरू कराने में दक्षिण कोरिया की भूमिका पर भी जोर दिया था। उन्होंने कहा था कि वह दोनों पक्षों के बीच संवाद बहाल कराने में ‘पेसमेकर’ की भूमिका निभाना चाहते हैं। उनका कहना था कि इससे उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम के विस्तार को रोकने में मदद मिल सकती है।

--आईएएनएस

केआर/