साइक्लोन 'अर्नब' का खतरा: 140 KM/h की रफ्तार से चलेंगी हवाएं; आंध्र के 16 जिलों में हाई अलर्ट, ओडिशा में स्कूल बंद!
बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ को लेकर तटीय राज्यों में चिंता बढ़ गई है। तूफान के खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश और ओडिशा में प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है। मौसम बिगड़ने की आशंका के बीच तेज हवाएं चलने और कई इलाकों में भारी बारिश होने का खतरा जताया जा रहा है। तूफान की रफ्तार 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
आंध्र प्रदेश के 16 जिलों में हाई अलर्ट
चक्रवात के संभावित असर को देखते हुए आंध्र प्रदेश के तटीय और संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और निचले इलाकों में पानी भरने का खतरा है। प्रशासन राहत और बचाव की तैयारियों में जुटा है। लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है।
ओडिशा में स्कूल बंद, प्रशासन अलर्ट
चक्रवात के संभावित प्रभाव को देखते हुए ओडिशा में भी एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में स्कूल बंद रखने जैसे फैसले बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिए जा रहे हैं। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और समुद्र के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है।
140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है हवा की रफ्तार
चक्रवात के दौरान तेज हवाएं चलने से घरों, पेड़ों, बिजली के खंभों और दूसरी संरचनाओं को नुकसान पहुंच सकता है। भारी बारिश से सड़क यातायात भी प्रभावित हो सकता है। ऐसे में लोगों को कमजोर इमारतों, पुराने पेड़ों और बिजली के तारों से दूर रहने की सलाह दी जाती है।
मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह
समुद्र में ऊंची लहरें उठने और मौसम अचानक खराब होने की आशंका के बीच मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी जा रही है। प्रशासन जरूरत के मुताबिक राहत शिविरों और बचाव दलों को तैयार रख रहा है। लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक मौसम चेतावनियों के आधार पर फैसले लें।
लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
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मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
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तेज हवाओं के दौरान घर के अंदर सुरक्षित स्थान पर रहें।
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खुले में रखी हल्की वस्तुओं को सुरक्षित कर लें।
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बिजली के खंभों और टूटे तारों से दूर रहें।
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आपात स्थिति के लिए जरूरी दवाएं, पीने का पानी और टॉर्च तैयार रखें।
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समुद्र या जलभराव वाले इलाकों के पास जाने से बचें।