Cyclone Arnab: बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान का खतरा, 4 राज्यों में रेड अलर्ट; पंजाब-हरियाणा में ओले गिरे
बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान अर्नब के खतरे को देखते हुए मौसम विभाग ने कई राज्यों में सतर्कता बढ़ा दी है। आंध्र प्रदेश समेत चार राज्यों में रेड अलर्ट जारी किए जाने की जानकारी है। तूफान के कारण तेज हवाओं और भारी बारिश की आशंका है। वहीं, देश के उत्तरी हिस्से में मौसम ने करवट ली है। पंजाब और हरियाणा में ओलावृष्टि हुई, जबकि उत्तराखंड के यमुनोत्री धाम में सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी के पूर्व-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी हिस्से में बना कम दबाव का क्षेत्र गहरे दबाव वाले क्षेत्र यानी डीप डिप्रेशन में बदल गया है। इसके 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के बापटला और विशाखापत्तनम के बीच तट पार करने की संभावना जताई गई है।
140 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है हवा की रफ्तार
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, तट से टकराने के दौरान तूफान की हवा की गति 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है। कुछ परिस्थितियों में इसकी रफ्तार 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है।
तूफान के प्रभाव से आंध्र प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है। समुद्र में ऊंची लहरें उठने की आशंका के बीच मछुआरों और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
ओडिशा में बचाव दल हाई अलर्ट पर
चक्रवाती तूफान का असर ओडिशा में भी देखने को मिल सकता है। राज्य के कई इलाकों में तेज हवाओं और बारिश की संभावना को देखते हुए आपदा प्रबंधन की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, आपदा प्रबंधन से जुड़े कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। संवेदनशील जिलों में 225 बचाव दलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किए जा सकें।
यमुनोत्री में सीजन की पहली बर्फबारी
उत्तराखंड के यमुनोत्री धाम में रविवार को मौसम की पहली बर्फबारी हुई। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ गिरने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। ठंड बढ़ने के साथ पहाड़ी इलाकों में मौसम का असर सामान्य जनजीवन और यात्रा पर भी पड़ सकता है।
पंजाब और हरियाणा में ओलावृष्टि, दिल्ली में भी बदला मौसम
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भी मौसम का मिजाज बदला है। पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों में ओले गिरने की खबर है। दिल्ली में भी मौसम में बदलाव देखने को मिला।
ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां कटाई या अन्य कृषि गतिविधियां चल रही हों। किसानों को स्थानीय मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है।
तूफान के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
चक्रवाती तूफान प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को प्रशासन की सलाह का पालन करना चाहिए। तेज हवाओं के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और कमजोर ढांचों से दूर रहना जरूरी है। समुद्र में मछली पकड़ने जाने से बचें और मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा चेतावनियों पर नजर रखें।
नोट: तूफान का नाम, उसकी तीव्रता, रेड अलर्ट वाले राज्यों और तट से टकराने के संभावित समय की जानकारी प्रकाशित करने से पहले IMD के नवीनतम बुलेटिन से सत्यापित कर लें।