'मेरी बेटी आईसीयू में भर्ती थी और मैं बाहर इंतजार करती रह गई', कटक अग्निकांड में महिला ने बताया आंखों देखा हाल
कटक, 16 मार्च (आईएएनएस)। कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के ट्रॉमा केयर आईसीयू में आग लगने से 10 लोगों की मौत के बाद पूरा माहौल गमगीन है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
अस्पताल में जब आग लगी तो एक महिला अपनी बेटी को लेकर भर्ती थी। महिला ने बताया, "मेरी बेटी आईसीयू में भर्ती थी और मैं बाहर बैठकर इंतजार कर रही थी। तभी मैंने अपनी बहू को अंदर जाने के लिए कहा। तभी आईसीयू के अंदर से एक महिला ने हिंदी में कुछ चिल्लाया। मुझे ठीक से समझ नहीं आया कि वह क्या कह रही थी। पहले तो मुझे लगा कि अंदर किसी को कोई परेशानी हो रही होगी। लेकिन जल्द ही मैंने देखा कि आईसीयू का कमरा धुएं से भर गया था।"
स्थानीय विधायक सौविक बिस्वाल ने कहा, "यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। ट्रॉमा आईसीयू में आग लगने की घटना में 10 मरीजों की मौत हो गई है। यह घटना सुबह 2.45 से 3 बजे के बीच हुई। 10 मरीजों की जान चली गई। फिलहाल 13 मरीजों का इलाज चल रहा है। हमने कटक के कलेक्टर और एसीबी अधीक्षक से इस बारे में बात कर ली है। मुख्यमंत्री ने न्यायिक जांच के निर्देश दिए हैं।"
अधिकारियों के मुताबिक, आग लगने के बाद मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अस्पताल के कर्मचारियों और दमकल कर्मियों ने तेजी से राहत और बचाव अभियान चलाया। इस दौरान कम से कम 11 अस्पताल कर्मचारी भी झुलस गए हैं। सभी घायलों को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुख्यमंत्री ने इन सभी से अस्पताल में मिलकर हालचाल जाना।
अग्निकांड में रमेश चंद्र परिडा, दासरू मुंडा, एमडी नयूम, गौरांग चंद्र बारिक, सेख अब्दुल सतर, मधुसूदन दलाई, कृष्ण चंद्र बिस्वाल, रविंद्र दास, चेरू परिडा और मेनका राउत के मारे जाने की पुष्टि प्रशासन द्वारा अभी तक की गई है।
--आईएएनएस
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