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मरे हुए चिकन को लूटने के लिए लगी भीड़, सड़क पर मची अफरा-तफरी, वीडियो हुआ वायरल

 

सड़क किनारे बिखरे हुए मुर्ग़े, और उनके ऊपर उमड़ी भीड़—यह कोई फ़िल्मी दृश्य नहीं, बल्कि असल ज़िंदगी का एक ऐसा नज़ारा है जो पहले तो हँसी दिलाता है, लेकिन फिर सोचने पर मजबूर कर देता है: आख़िर लोग इस तरह का बर्ताव क्यों कर रहे हैं? सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में भी ऐसा ही एक नज़ारा देखने को मिल रहा है, जहाँ लोग मरे हुए मुर्ग़ों को उठाने के लिए इतने बेताब नज़र आ रहे हैं कि ऐसा लग रहा है मानो वहाँ मुफ़्त में बिरयानी बांटी जा रही हो।


वीडियो में साफ़ तौर पर देखा जा सकता है कि सड़क के किनारे बड़ी संख्या में मुर्ग़े पड़े हुए हैं। बताया जा रहा है कि एक ट्रक ने उन्हें वहाँ फेंक दिया था। जैसे ही इस बात की ख़बर स्थानीय लोगों तक पहुँची, देखते ही देखते वहाँ भीड़ जमा हो गई। इसके बाद तो मुर्ग़ों को उठाने की होड़ मच गई, और हर कोई उन्हें लपकने के लिए आगे बढ़ने लगा। कुछ लोग अपने साथ बोरियाँ लाए थे, तो वहीं कुछ लोग—जो बिना किसी तैयारी के और खाली हाथ आए थे—बस अपने हाथों से ही मुर्ग़ों को उठाकर घर ले जाने लगे।

वीडियो में क्या दिखाया गया है?
इस पूरी घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू इसमें शामिल लोगों का बर्ताव है। वीडियो में अफ़रा-तफ़री और आपाधापी का ऐसा माहौल दिखाया गया है कि यह किसी प्रतियोगिता जैसा लग रहा है। लोग एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में धक्का-मुक्की कर रहे हैं—कुछ लोग मुर्ग़ों को बोरियों में ठूँस रहे हैं, तो वहीं कुछ लोग उन्हें जल्दी-जल्दी अपने हाथों से बटोर रहे हैं। ऐसा लगता है मानो वहाँ मौजूद हर व्यक्ति के मन में बस एक ही विचार चल रहा हो: "जितना हो सके, अभी के अभी बटोर लो।"

यह दृश्य न सिर्फ़ अजीब है, बल्कि बेहद चिंताजनक भी है। जिस तरह से लोग बिना किसी सुरक्षा उपकरण के मरे हुए मुर्ग़ों को छू रहे हैं—और उन्हें घर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं—उससे स्वास्थ्य को गंभीर ख़तरा पैदा हो सकता है। शायद वहाँ मौजूद लोगों ने इस संभावित ख़तरे पर ध्यान नहीं दिया, या हो सकता है कि उन्होंने जान-बूझकर इसे नज़रअंदाज़ कर दिया हो। लेकिन, सच्चाई यही है कि ऐसे मरे हुए जानवर कई तरह की बीमारियों और संक्रमणों के वाहक हो सकते हैं।

जब से यह वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, तब से लोगों की इस पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएँ आ रही हैं। जहाँ कुछ लोग इस घटना को मज़ाकिया नज़रिए से देख रहे हैं, वहीं कई अन्य लोग इसे एक बेहद गंभीर और चिंताजनक मामला मान रहे हैं। कई यूज़र्स ने यह सवाल भी उठाया है कि ऐसी स्थिति में प्रशासन कहाँ था, और इस तरह की लापरवाही को क्यों नहीं रोका गया।