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क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले रोकने के अमेरिकी प्रस्‍ताव पर रूस राजी हुआ तो यूक्रेन भी करेगा समर्थन : जेलेंस्की

 

कीव, 15 सितंबर (आईएएनएस)। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा क‍ि अमेरिका ने एक मजबूत प्रस्ताव द‍िया क‍ि दोनों पक्ष क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर हमले रोक दें। उन्‍होंने कहा क‍ि अगर रूस अमेरिकी प्रस्ताव पर अमल करता है तो यूक्रेन इस तनाव कम करने की प्रक्रिया का समर्थन करने के लिए तैयार है।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, ''यह अमेरिका की तरफ से एक मजबूत प्रस्ताव है कि दोनों पक्ष महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे (क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर) पर होने वाले हमलों को रोक दें। अगर यह तनाव कम करने की दिशा में पहला कदम बन सकता है, यानी रूस हमारे महत्वपूर्ण ढांचे पर हमले बंद करे और हम जवाबी हमले रोके, तो यूक्रेन इस तनाव को कम करने की प्रक्रिया का समर्थन करने के लिए तैयार है।''

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को दावा किया कि रूस और यूक्रेन ने एक-दूसरे के ऊर्जा ढांचे (एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर) पर हमले नहीं करने पर सहमति जताई है। ट्रंप ने यह बात अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पोस्‍ट पर साझा की। हालांक‍ि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि इस व्यवस्था के पीछे किसने बातचीत कराई या इससे पहले दोनों पक्षों के बीच किस स्तर पर वार्ता हुई।

ट्रंप ने एक अन्य पोस्ट में रूस-यूक्रेन युद्ध को दुनिया में डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह बताया। उन्होंने लिखा, "दुनिया में डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का सबसे बड़ा कारण रूस-यूक्रेन युद्ध है, ईरान नहीं।"

जेलेंस्की ने अपने पोस्‍ट में कहा, ''हम देख रहे हैं कि रूस हमारी सटीक कार्रवाइयों की वजह से अपनी युद्ध अर्थव्यवस्था पर दबाव महसूस कर रहा है। अब तक ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि रूस वास्तव में युद्ध खत्म करने की ईमानदार इच्छा रखता है। अगर हमारे अमेरिकी साझेदार यह सुनिश्चित कर सकें कि रूस सच में इस युद्ध को खत्म करने के लिए तैयार है और लंबे समय के लिए ऐसा करना चाहता है, तो यूक्रेन भी तनाव कम करने के लिए अपने कदम उठाएगा।''

उन्‍होंने कहा क‍ि शांति की जरूरत है। ऊर्जा व्यवस्था, खाद्य आपूर्ति के रास्ते और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा, इन सभी मुद्दों को हमलों को खत्म करने और युद्ध समाप्त करने की बातचीत का हिस्सा होना चाहिए। हमें एक मजबूत और न्यायसंगत समाधान चाहिए, जो सिर्फ 'चुनावों' तक सीमित न हो, बल्कि लंबे समय तक टिकाऊ साबित हो। हम अपने साझेदारों से इस बारे में ठोस और स्पष्ट जानकारी की उम्मीद करते हैं।

गौरतलब है कि फरवरी 2022 में शुरू हुए रूस के पूर्ण पैमाने के आक्रमण के बाद से यूक्रेन के बिजली संयंत्रों, ट्रांसमिशन नेटवर्क और अन्य ऊर्जा ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) और संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार निगरानी मिशन ने भी ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमलों के कारण बिजली, पानी, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ने की पुष्टि की है।

--आईएएनएस

एवाई/पीएम