झारखंड में 10-12 साल के बच्चों का सात घंटे का आंदोलन, प्रधानाध्यापक का तबादला वापस हुआ तो थमा बवाल
गढ़वा, 13 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड के गढ़वा जिले के कांडी में गुरुवार को 10 से 13 साल की उम्र के स्कूली बच्चों का आंदोलन चर्चा का विषय बन गया। स्कूल के प्रधानाध्यापक के तबादले के विरोध में बच्चे सड़क पर उतरे और देखते ही देखते कांडी-भवनाथपुर मुख्य मार्ग करीब सात घंटे तक जाम रहा। हाथों में पोस्टर-बैनर लिए बच्चों ने नारेबाजी की। इसके बाद स्थिति बिगड़ी और तोड़फोड़, पथराव तथा मारपीट की घटनाएं सामने आईं। पथराव में एक पुलिसकर्मी भी घायल हो गया।
आखिरकार प्रधानाध्यापक की कांडी में दोबारा पदस्थापना किए जाने के बाद बच्चों ने आंदोलन समाप्त किया। घटना कांडी प्रखंड मुख्यालय स्थित राजकीयकृत प्लस टू उच्च विद्यालय की है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक मलय कुमार सिंह का 12 अगस्त को तबादला कर दिया गया था। इसकी जानकारी मिलते ही गुरुवार को बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं विद्यालय के बाहर जुट गए। उन्होंने सड़क जाम कर दिया। इस कारण कांडी-भवनाथपुर मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
करीब सात घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। प्रदर्शन कर रहे बच्चों को देखकर लोग हैरान थे। अधिकांश बच्चे 10 से 13 वर्ष की उम्र के थे। सोशल मीडिया में ‘जेन अल्फा’ का आंदोलन कहा जाने लगा। बच्चों ने प्रधानाध्यापक का तबादला वापस लेने की मांग की। उनका कहना था कि प्रधानाध्यापक के आने के बाद विद्यालय की व्यवस्था में सुधार हुआ है, इसलिए उन्हें हटाया नहीं जाना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान स्थिति तब बिगड़ी प्रखंड प्रमुख ने कथित तौर पर एक बच्चे पर हाथ उठा दिया। इसके बाद बच्चे उग्र हो उठे और उन्होंने थाने का घेराव कर डाला। इस दौरान कुछ लोगों ने पत्थर चलाए, जिससे मोहम्मद अशफाक आलम नामक पुलिसकर्मी घायल हो गया। प्रदर्शनकारियों ने प्रखंड प्रमुख सत्येंद्र पांडेय के वाहन पर भी हमला किया, जिससे उसका शीशा टूट गया।
हालांकि, कांड़ी के बीडीओ ने कहा कि बच्चों में किसी ने पथराव नहीं किया। प्रखंड प्रमुख सत्येंद्र पांडेय का कहना है कि उन्होंने किसी बच्चे पर हाथ नहीं उठाया। उनकी गाड़ी पर बच्चों ने नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर की राजनीति करने वाले कुछ असामाजिक तत्वों ने पथराव किया है। उन्हें बच्चों से शिकायत नहीं है। सूचना मिलने पर पुलिस अवर निरीक्षक ब्रिज कुमार, गढ़वा के एसडीपीओ दिलु लोहारा और बीडीओ राकेश सहाय मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने बच्चों और अन्य प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। काफी देर तक चले आंदोलन के बाद जिला मुख्यालय से बकायदा पत्र जारी कर प्रधानाध्यापक मलय कुमार सिंह की पुनः कांडी में पदस्थापना कर दी गई। इसके बाद बच्चे सड़क से हटे और जाम समाप्त हुआ।
--आईएएनएस
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