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खाने का तेल हो सकता है सस्ता, केंद्र सरकार ने घटाई कस्टम ड्यूटी; 24 सितंबर से नई दरें लागू

 

केंद्र सरकार ने देश में खाने के तेल की कीमतों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। वित्त मंत्रालय ने क्रूड और रिफाइंड खाद्य तेलों पर बेसिक कस्टम ड्यूटी में कटौती की घोषणा की है। नई दरें 24 सितंबर से लागू होंगी। सरकार के इस फैसले से खाद्य तेलों की आयात लागत कम होने की उम्मीद है, जिसका असर आगे चलकर घरेलू बाजार की कीमतों पर पड़ सकता है।

क्रूड सोया और पाम ऑयल पर शुल्क घटा

सरकार ने क्रूड सोया ऑयल और क्रूड पाम ऑयल पर बेसिक कस्टम ड्यूटी 10 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी है। वहीं, रिफाइंड सोया ऑयल और रिफाइंड पाम ऑयल पर कस्टम ड्यूटी 32.50 प्रतिशत से घटाकर 27.50 प्रतिशत कर दी गई है।

सूरजमुखी तेल पर भी बड़ी कटौती

क्रूड सूरजमुखी तेल के आयात पर बेसिक कस्टम ड्यूटी को 10 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दिया गया है। यानी अब क्रूड सूरजमुखी तेल पर बेसिक कस्टम ड्यूटी नहीं लगेगी। इसके अलावा रिफाइंड सूरजमुखी तेल पर कस्टम ड्यूटी 32.50 प्रतिशत से घटाकर 22.50 प्रतिशत कर दी गई है।

आयात लागत कम होने की उम्मीद

कस्टम ड्यूटी में कटौती से विदेशों से आने वाले खाद्य तेल की लागत कम हो सकती है। भारत अपनी घरेलू जरूरत का एक बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। ऐसे में आयात शुल्क में कमी का असर खाद्य तेलों की कीमतों पर पड़ सकता है।सरकार के फैसले से आम उपभोक्ताओं को भी राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, कस्टम ड्यूटी में कमी का पूरा फायदा ग्राहकों तक कितनी जल्दी और कितनी मात्रा में पहुंचेगा, यह सप्लाई चेन में कीमतों के बदलाव पर निर्भर करेगा।

तेल की कीमतों पर आगे नजर

नई कस्टम ड्यूटी 24 सितंबर से लागू होने के बाद आयातकों और तेल कंपनियों की लागत में बदलाव आएगा। इसके बाद घरेलू बाजार में खाद्य तेलों की कीमतों में क्या बदलाव होता है, इस पर नजर रहेगी। कीमतों में वास्तविक राहत कई अन्य कारकों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत, आयात लागत, मांग और सप्लाई पर भी निर्भर करेगी।