ग्रीन पटाखों में बेरियम के इस्तेमाल पर विवाद, केंद्र करेगा नए सिरे से जांच; सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद लिया फैसला
ग्रीन पटाखों में बेरियम के इस्तेमाल को लेकर सरकारी संस्थाओं के बीच मतभेद सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि वह बेरियम के संभावित नुकसान का पता लगाने के लिए ग्रीन पटाखों का नए सिरे से वैज्ञानिक परीक्षण कराएगा। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के उस निर्देश के बाद लिया गया है, जिसमें अदालत ने इस मामले में विशेषज्ञों की राय लेने को कहा था।
दरअसल, ग्रीन पटाखों के नए फॉर्मूले को लेकर CSIR-NEERI और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के बीच अलग-अलग राय सामने आई है। जहां CSIR-NEERI ने कुछ नए फॉर्मूले को कम प्रदूषण वाला बताते हुए मंजूरी दी है, वहीं CPCB ने बेरियम नाइट्रेट के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई है।
CSIR-NEERI और CPCB के बीच मतभेद
ग्रीन पटाखों को लेकर केंद्र सरकार ने CSIR-NEERI से कम उत्सर्जन वाले पटाखों के फॉर्मूले विकसित करने को कहा था। इसके बाद कुछ नए फॉर्मूले तैयार किए गए, जिनमें दावा किया गया कि प्रदूषणकारी कणों (PM10 और PM2.5) के उत्सर्जन में कमी आती है।
वहीं, CPCB ने इन फॉर्मूलों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि इनमें बेरियम नाइट्रेट का इस्तेमाल किया जाता है तो यह सुप्रीम कोर्ट के पहले के आदेशों के अनुरूप नहीं होगा। CPCB का तर्क है कि बेरियम के उपयोग को लेकर स्वास्थ्य और पर्यावरण संबंधी चिंताएं बनी हुई हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने मांगी विशेषज्ञों की राय
मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह तकनीकी और वैज्ञानिक विषय है, इसलिए विशेषज्ञों की राय के आधार पर ही फैसला लिया जाना चाहिए। अदालत ने केंद्र सरकार को इस संबंध में विशेषज्ञों से सलाह लेने के निर्देश दिए थे।
इसके बाद केंद्र सरकार ने अब नए सिरे से परीक्षण कराने का फैसला किया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि ग्रीन पटाखों में बेरियम का इस्तेमाल कितना सुरक्षित है और इसका पर्यावरण व स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है।
कई शहरों में किए जाएंगे परीक्षण
केंद्र सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट को बताया गया है कि नए परीक्षण देश के अलग-अलग शहरों में कराए जाएंगे। इसके लिए नई दिल्ली, भोपाल, कोलकाता और चेन्नई जैसे शहरों को शामिल किया गया है। इन परीक्षणों के जरिए बेरियम के प्रभाव और ग्रीन पटाखों की वास्तविक क्षमता का आकलन किया जाएगा।
दिवाली से पहले अहम फैसला
ग्रीन पटाखों का मुद्दा हर साल दिवाली के समय प्रदूषण को लेकर चर्चा में आता है। सरकार और अदालतों का उद्देश्य ऐसा संतुलन बनाना है, जिसमें त्योहारों की परंपराएं भी बनी रहें और वायु प्रदूषण को भी नियंत्रित किया जा सके।
अब नए परीक्षणों की रिपोर्ट के आधार पर ही यह तय होगा कि बेरियम वाले नए ग्रीन पटाखों के उत्पादन और बिक्री को अनुमति दी जाएगी या नहीं। सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले पर पटाखा उद्योग और पर्यावरण से जुड़े संगठनों की नजर बनी हुई है।