AI समिट 2026 में विवाद, वीडियो में देखें यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन, अध्यक्ष उदय भानु चिब गिरफ्तार
नई दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान एक बड़ा राजनीतिक विवाद उत्पन्न हो गया, जब भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) के कुछ कार्यकर्ताओं ने मुख्य कार्यक्रम स्थल पर शर्टलेस विरोध प्रदर्शन किया। यह घटना तब हुई जब देश और विदेश के कई नेता, टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट, उद्योगपति और नीति निर्माता इस वैश्विक सम्मेलन के लिए भारत मंडपम में एकत्रित थे।
प्रदर्शनकारियों ने बड़ी संख्या में प्रवेश करने के बाद सुरक्षा घेरा तोड़ा और **टी‑शर्टों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तस्वीरें वाला टी‑शर्ट पहने हुए, आंतरिक हाल में पहुंच कर कपड़े उतार दिए। इसके बाद उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कथित तौर पर इंडिया‑यूएस ट्रेड डील तथा बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद की।
इस विरोध प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आठ व्यक्तियों को हिरासत में लिया, जिनमें प्रमुख रूप से यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब भी शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन में राजनीतिक संदेश और अव्यवस्था फैलाने के आरोप के तहत मामला दर्ज किया गया है।
कोर्ट ने दी चार दिन की पुलिस हिरासत
23 फरवरी को दिल्ली पुलिस ने उदय भानु चिब को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। पटियाला हाउस कोर्ट ने उन्हें चार दिन की पुलिस कस्टडी में भेजने का आदेश दिया, ताकि आगे की जांच और पूछताछ की जा सके। अदालत में पुलिस की ओर से यह दावा किया गया कि चिब इस पूरे प्रदर्शन के मुख्य योजनाकार और ‘मास्टरमाइंड’ थे। विरोध में चिब के वकील ने इस कार्रवाई को अप्रासंगिक और अनावश्यक बताया।
पुलिस ने शुरुआती एफआईआर में गंभीर धाराएँ, जैसे आपराधिक साज़िश, सरकारी अधिकारी पर हमला, आदेश का उल्लंघन और अवैध सभा आदि शामिल किये हैं, तथा कहा गया है कि प्रदर्शन स्थल पर स्थिति को दंगा जैसा माहौल बनाया गया। अदालत ने पुलिस को चार दिनों तक पूछताछ का अधिकार दिया।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ
घटनाक्रम के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी बहस छिड़ गई है। कांग्रेस पार्टी ने गिरफ्तारी को तानाशाही और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने कहा है कि शांति पूर्ण विरोध करना लोकतंत्र का अधिकार है और इसे रोकना स्वतंत्रता पर हमला है। उन्होंने मांग की है कि सभी गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को तुरंत रिहा किया जाए तथा उन पर लगे आरोप वापस लिए जाएँ।
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इस तरह का प्रदर्शन देश की अंतरराष्ट्रीय सम्मानित इमेज को नुकसान पहुंचाने वाला है। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल इस प्रदर्शन को देश विरोधी और असंगठित रूप से अपमानजनक ढंग से कर रहा है, जिससे सम्मेलन की गरिमा को ठेस पहुंची।
कुल मिलाकर यह घटना न केवल राजनीतिक गतिरोध का केन्द्र बनी है, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों, लोक व्यवस्था और वैश्विक मंचों पर राजनीतिक संघर्ष के मुद्दों पर भी व्यापक बहस छेड़ चुकी है। AI समिट के दौरान हुए इस प्रदर्शनी ने तकनीकी और नवाचार के वैश्विक एजेंडे के बीच राजनीतिक तनाव को भी उजागर किया है।