Air India पर उपभोक्ता आयोग की कार्रवाई, मां-बेटे को फ्लाइट में चढ़ने से रोकना पड़ा महंगा
केरल में एयर इंडिया एक्सप्रेस से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जहां कन्फर्म टिकट होने के बावजूद एक महिला और उसके 3 साल के बच्चे को फ्लाइट में सफर करने से रोक दिया गया। इस घटना के बाद महिला ने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई। मामले की सुनवाई के बाद आयोग ने एयरलाइन को सेवा में कमी का दोषी मानते हुए कुल 70 हजार रुपये से अधिक का भुगतान करने का आदेश दिया।
कोच्चि से अबू धाबी जाना था महिला को
यह मामला फरवरी 2021 का है। महिला ने अपने और अपने तीन साल के बेटे के लिए कोच्चि से अबू धाबी जाने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX-1419 में टिकट बुक कराई थी। दोनों टिकटों के लिए उसने 20,287 रुपये का भुगतान किया था। फ्लाइट रात 9 बजे रवाना होने वाली थी।
महिला का कहना था कि उसके पास यात्रा से संबंधित सभी जरूरी दस्तावेज मौजूद थे। इनमें पासपोर्ट और वीजा भी शामिल थे। इसके बावजूद एयरलाइन ने उसे और उसके बच्चे को विमान में चढ़ने की अनुमति नहीं दी।
दूसरी फ्लाइट का टिकट खरीदने को हुई मजबूर
महिला के मुताबिक, एयरलाइन ने उसे कोच्चि से शारजाह जाने वाली दूसरी फ्लाइट से यात्रा करने का विकल्प दिया। ऐसे में उसे मजबूरी में दूसरी फ्लाइट का टिकट खरीदना पड़ा, जिसके लिए करीब 29,510 रुपये खर्च करने पड़े।
शारजाह पहुंचने के बाद महिला को अपने छोटे बच्चे के साथ सड़क मार्ग से अबू धाबी जाना पड़ा। इस बदलाव के कारण उसे आर्थिक नुकसान के साथ काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
महिला ने उपभोक्ता आयोग में की शिकायत
महिला ने आरोप लगाया कि एयरलाइन ने पहली फ्लाइट का किराया वापस नहीं किया और न ही उसे विमान में चढ़ने से रोकने की उचित वजह बताई। शुरुआत में उसने एयरलाइन को कानूनी नोटिस भेजा, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।
एयरलाइन को देना होगा 70 हजार रुपये से अधिक
मामले की सुनवाई के दौरान उपभोक्ता आयोग ने पाया कि एयरलाइन महिला और उसके बच्चे को बोर्डिंग से रोकने का उचित कारण नहीं बता सकी। आयोग ने इसे सेवा में कमी मानते हुए एयरलाइन को 20,287 रुपये टिकट का रिफंड करने का आदेश दिया।
इसके अलावा महिला को मानसिक परेशानी और कानूनी खर्च के लिए 50 हजार रुपये देने होंगे। आयोग ने फरवरी 2021 से भुगतान होने तक 9 प्रतिशत सालाना ब्याज देने का भी निर्देश दिया। इस फैसले के बाद एयरलाइन को कुल 70 हजार रुपये से अधिक का भुगतान करना होगा।