मानसून सत्र में राम मंदिर चढ़ावा विवाद और E20 पेट्रोल मुद्दा उठाएगी कांग्रेस, वीडियो में समझे सरकार के संशोधन बिलों का करेगी विरोध
संसद के आगामी मानसून सत्र को लेकर कांग्रेस ने अपनी रणनीति तैयार कर ली है। पार्टी ने फैसला किया है कि वह सदन में राम मंदिर चढ़ावा विवाद, पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण (E20), NEET समेत कई मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी। इसके साथ ही कांग्रेस ने केंद्र सरकार की ओर से लाए जाने वाले संशोधन विधेयकों का विरोध करने का ऐलान किया है।यह फैसला गुरुवार को कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में लिया गया। बैठक कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर आयोजित की गई, जिसमें पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सांसद शशि थरूर, महासचिव जयराम रमेश समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
संशोधन बिलों के विरोध का ऐलान
बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्टी की रणनीति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मानसून सत्र में सरकार जिन प्रमुख विधेयकों को पेश करने की तैयारी कर रही है, कांग्रेस उनका पुरजोर विरोध करेगी।जयराम रमेश ने कहा कि संसद में कई ऐसे मुद्दे हैं, जिन्हें पार्टी जनता से जुड़े सवालों के रूप में उठाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों और फैसलों को लेकर कई गंभीर सवाल हैं, जिन पर चर्चा जरूरी है।
परिसीमन से जुड़े बिल पर खड़गे ने लिखा पीएम मोदी को पत्र
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 131वें संविधान संशोधन विधेयक, यानी परिसीमन से जुड़े प्रस्ताव को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने सरकार के संशोधित प्रस्तावों पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है।कांग्रेस का कहना है कि परिसीमन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों की सहमति और व्यापक चर्चा जरूरी है।
राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर सरकार पर हमला
जयराम रमेश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कांग्रेस संसद में अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े चंदे और चढ़ावे के मामले को उठाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर से जुड़े मामलों में लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं।उन्होंने कहा कि पार्टी अयोध्या में भाजपा और RSS से जुड़े कथित मामलों पर सवाल उठाएगी। हालांकि, इन आरोपों पर भाजपा की ओर से प्रतिक्रिया आना बाकी है।
E20 पेट्रोल और NEET का मुद्दा भी उठाएगी पार्टी
कांग्रेस ने मानसून सत्र में E20 पेट्रोल के मुद्दे को भी उठाने का फैसला किया है। पार्टी का कहना है कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर वाहन मालिकों और उपभोक्ताओं की चिंताओं पर सरकार को जवाब देना चाहिए।इसके अलावा कांग्रेस NEET परीक्षा से जुड़े विवादों को भी संसद में उठाने की तैयारी में है। पार्टी ने परीक्षा व्यवस्था और कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार पर सवाल खड़े किए हैं।
मानसून सत्र में हंगामे के आसार
कांग्रेस के रुख से साफ है कि मानसून सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है। विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है, जबकि सरकार अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश करेगी।आगामी सत्र में परिसीमन, शिक्षा व्यवस्था, ईंधन नीति और धार्मिक मामलों से जुड़े मुद्दे संसद में प्रमुख चर्चा का विषय बन सकते हैं।