कांग्रेस पार्टी और मणिशंकर अय्यर को आत्मचिंतन करने की जरूरत : विनोद बंसल
नई दिल्ली, 15 मार्च (आईएएनएस)। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के पाकिस्तान से संबंधित बयान पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और अय्यर को आत्मचिंतन करने की जरूरत है क्योंकि कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से रसातल में जा चुकी है।
विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि मणिशंकर अय्यर जैसे नेता पाकिस्तान जाकर भारत की आलोचना करते हैं और भारत में रहते हुए पाकिस्तान की तारीफ करते हैं। वे भारतीय नेताओं, भारतीय शासन और भारत के गौरव को चुनौती देते हैं। ऐसे नेताओं के बारे में क्या कहा जा सकता है। यह कांग्रेस की पुरानी संस्कृति रही है। पाकिस्तान में कांग्रेस नेताओं के बयानों पर तालियां बजती हैं। पाकिस्तानी मीडिया में कांग्रेस नेता के बयानों को सुर्खियां बनाया जाता है। ऐसे नेताओं पर शर्म आती है कि वे भारत के नेता हैं। मणिशंकर अय्यर को आत्मचिंतन करना चाहिए। आज कांग्रेस की स्थिति यह है कि उनका राजनीतिक धरातल पूरी तरह से रसातल में जा चुका है।
बसपा संस्थापक कांशीराम को मरणोपरांत भारत रत्न देने की मांग पर विनोद बंसल ने कहा कि जब कांशीराम जीवित थे, तब इनमें से किसी ने भी उनकी परवाह नहीं की। जब वह चले गए, तो वह मायावती के भी प्यारे हो गए और उधर से राहुल-प्रियंका और अब समाजवादी के भी प्यारे हो गए। चुनाव जीतने के लिए समाजवादी पार्टी को कांशीराम याद आ रहे हैं।
एलपीजी संकट पर विनोद बंसल ने कहा कि भारत सरकार द्वारा उठाए गए कदम सफल रहे हैं, मैं तो यही कहूंगा, क्योंकि दो जहाज जल्द ही भारत आने वाले हैं। संघर्ष के बीच भी, दोनों देशों के साथ और तीनों ही राष्ट्रों के साथ, हमारे संबंध मजबूत बने हुए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे अफवाह पर विश्वास न करें, जमाखोरी न करें। जल्द स्थिति नियंत्रण में आएगी।
लखनऊ में हिजाब को लेकर हुए विवाद पर विनोद बंसल ने कहा कि लखनऊ घूमने आई कुछ हिंदू बेटियों को इमामबाड़ा परिसर के अंदर उनसे हिजाब पहनने के लिए कहना, कपड़े ठीक से पहनने की नसीहत देना और ऐसा ना करने पर राष्ट्रीय पुरातत्व विभाग द्वारा संचालित परिसर से उन्हें बाहर निकालने तक की धमकी देना कट्टरपंथी इस्लाम के नारी-विरोधी तत्वों का गंभीर दुस्साहस है। ऐसे मामले के तथ्यों की जांच कर उत्तर प्रदेश पुलिस को कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही राष्ट्रीय महिला आयोग को भी संज्ञान लेना चाहिए।
--आईएएनएस
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