नोहर फीडर नहर की बदहाली पर कांग्रेस विधायक अमित चाचान ने बजट सत्र में उठाया गंभीर मुद्दा
राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के दौरान नोहर क्षेत्र के किसानों के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा चर्चा में आया। कांग्रेस विधायक अमित चाचान ने विधानसभा में नोहर फीडर नहर की बदहाली को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह नहर क्षेत्र के किसानों की जीवनरेखा और सिंचाई का प्रमुख स्रोत है, लेकिन इसकी जर्जर हालत के कारण हजारों किसान गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं।
विधायक चाचान ने स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि नहर की मरम्मत और रखरखाव में लापरवाही के कारण कृषि भूमि पर पानी की आपूर्ति बाधित हो रही है। इससे क्षेत्र के किसान अपनी फसलें समय पर नहीं सिंचित कर पा रहे हैं, जिससे उपज और आय दोनों पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।
चाचान ने कहा, "नोहर फीडर नहर की जर्जर हालत से हजारों किसानों की सिंचाई प्रभावित हो रही है। अन्नदाता परेशान हैं, लेकिन सरकार इस ओर गंभीर नहीं है। नहर की मरम्मत और सुधार के लिए तत्काल कदम उठाए जाने चाहिए।" उन्होंने विधानसभा से आग्रह किया कि किसानों की सिंचाई समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
स्थानीय किसानों का कहना है कि नहर के कई हिस्से में दरारें और रिसाव हो चुके हैं, जिससे पानी का बहाव बाधित हो रहा है। इसके कारण कई खेतों तक पानी नहीं पहुंच रहा और किसानों को वैकल्पिक साधन अपनाने पड़ रहे हैं, जो उनकी मेहनत और लागत को बढ़ा रहे हैं।
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि नोहर फीडर नहर जैसे बड़े सिंचाई परियोजनाओं की खराब स्थिति क्षेत्रीय किसानों की आर्थिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करती है। यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो न केवल किसानों की उपज प्रभावित होगी, बल्कि क्षेत्रीय कृषि अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ेगा।
विधानसभा में इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने भी सरकार से तत्काल कार्रवाई और नहर की मरम्मत की मांग की। विपक्षी नेताओं का कहना है कि सिंचाई परियोजनाओं की अनदेखी केवल किसानों के हितों के खिलाफ ही नहीं, बल्कि राज्य की कृषि उत्पादन क्षमता के लिए भी खतरा है।
विधायक चाचान की पहल से यह स्पष्ट हो गया कि नोहर फीडर नहर की जर्जर स्थिति अब विधानसभा में गंभीरता से चर्चा का विषय बन गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि राज्य सरकार को जल संसाधनों और सिंचाई परियोजनाओं पर ध्यान देना चाहिए, ताकि किसानों को स्थायी समाधान मिल सके।
इस प्रकार, नोहर फीडर नहर की बदहाली और किसानों के सिंचाई संकट का मुद्दा अब विधानसभा में सुनिश्चित रूप से प्राथमिकता पा रहा है। यह मुद्दा केवल स्थानीय किसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य स्तर पर कृषि और जल संसाधन नीति पर भी सवाल उठाता है।