कांग्रेस को मुस्लिम लीग के दबाव से बाहर आकर काम करना होगा: राजीव चंद्रशेखर
तिरुवनंतपुरम, 2 सितंबर (आईएएनएस)। केरल में ग्रैंड मुफ्ती के कथित बयान और मुख्यमंत्री वीडी सतीसन की प्रतिक्रिया को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कांग्रेस और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के गठबंधन पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि राज्य में संवैधानिक मर्यादाओं और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों से समझौता किया जा रहा है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से मुस्लिम लीग के कथित विवादित और संविधान-विरोधी बयानों पर स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की।
राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि केरल में कांग्रेस और मुस्लिम लीग की सरकार के तहत जिस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं, वे चिंताजनक हैं। आईयूएमएल संवैधानिक सीमाओं का उल्लंघन करते हुए ऐसी विचारधारा को बढ़ावा दे रही है, जो देश की संवैधानिक व्यवस्था से अलग है। मुस्लिम लीग के नेताओं की ओर से धर्म को प्राथमिकता देने संबंधी बयान दिए जा रहे हैं। चंद्रशेखर ने सवाल उठाया कि यदि मुस्लिम लीग की राजनीति धर्म को प्राथमिकता देने पर आधारित है, तो कांग्रेस नेता राहुल गांधी उसे धर्मनिरपेक्ष दल के तौर पर कैसे पेश कर सकते हैं। कांग्रेस सरकार मुस्लिम लीग के समर्थन पर निर्भर है और इसी वजह से वह उसके दबाव में काम कर रही है।
चंद्रशेखर ने मुस्लिम लीग से जुड़े कुछ विवादों का उल्लेख करते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठे हैं। साथ ही उन्होंने स्वामी अयप्पा को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के मामले में भी सीएम सतीसन से जवाब मांगने की बात कही।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने एक पत्रकार को कंथापुरम के बयान की रिपोर्टिंग के बाद कथित तौर पर माफी मांगने के लिए मजबूर किए जाने को भी गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि भारत में अभिव्यक्ति और वाक् स्वतंत्रता को संविधान संरक्षण देता है। चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि यदि किसी पत्रकार को रिपोर्टिंग के लिए धमकाया या दबाव में लाया जाता है, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने संबंधित महिला पत्रकार और उनके संस्थान को समर्थन देने की बात कही। किसी व्यक्ति के बयान की रिपोर्टिंग करना पत्रकारिता का हिस्सा है और केवल इसलिए किसी पत्रकार को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए कि उसकी रिपोर्ट से किसी राजनीतिक दल या समुदाय को आपत्ति है।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि कांग्रेस सार्वजनिक मंचों पर संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की बात करती है, लेकिन यदि उसी पार्टी के शासन में किसी पत्रकार को रिपोर्टिंग के लिए दबाव का सामना करना पड़ रहा है तो यह गंभीर विरोधाभास है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और पत्रकारों की स्वतंत्र रिपोर्टिंग लोकतंत्र की बुनियादी जरूरत है। उनके मुताबिक, किसी भी राजनीतिक दल या समुदाय को पत्रकारों को डराने-धमकाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि केरल में कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच राजनीतिक समीकरणों का असर शासन और सार्वजनिक विमर्श पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी भाजपा इन मुद्दों को जनता के बीच उठाएगी और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा का मुद्दा प्रमुखता से रखेगी।
--आईएएनएस
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