राजस्थान में बच्चों में डिजिटल लत पर चिंता, सख्त कानून की मांग
राजस्थान विधानसभा में बच्चों में डिजिटल लत और मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग को लेकर चिंता व्यक्त की गई है। विधायक मनीष यादव ने सदन में मोबाइल फोन पर अवांछित कंटेंट और रील्स की बढ़ती लत को गंभीर समस्या बताते हुए सरकार से ठोस नीति और सख्त कानून लाने की मांग की।
विधायक का बयान
मनीष यादव ने कहा कि आज के समय में बच्चे और किशोर सोशल मीडिया, मोबाइल गेम्स और रील्स में इतना उलझ चुके हैं कि उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि लगातार डिजिटल लत से बच्चों में ध्यान, पढ़ाई और सामाजिक संपर्क की कमी जैसी समस्याएं देखने को मिल रही हैं।
सरकार से मांग
विधायक ने सरकार से आग्रह किया कि:
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बच्चों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित और नियंत्रित माहौल प्रदान करने के लिए नीति बनाई जाए।
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अवांछित कंटेंट और हिंसक या अश्लील सामग्री तक पहुंच पर सख्त नियम और कानून लागू किए जाएं।
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स्कूलों और माता-पिता को डिजिटल जागरूकता और बच्चों की निगरानी के लिए मार्गदर्शन दिया जाए।
डिजिटल लत का प्रभाव
विशेषज्ञों के अनुसार, डिजिटल लत से बच्चों में:
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ध्यान केंद्रित करने की क्षमता कम हो जाती है।
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नींद, स्वास्थ्य और शारीरिक गतिविधियों पर नकारात्मक असर पड़ता है।
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सामाजिक और पारिवारिक संपर्क में कमी आती है।