कमांडर्स सम्मेलन में भविष्य की युद्धक आवश्यकताओं पर मंथन, सेना प्रमुख ने दी फ्लाइट सेफ्टी ट्रॉफी
नई दिल्ली, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। नई दिल्ली में भारतीय सेना की आर्मी कमांडर्स कांफ्रेंस चल रही है। 21 अक्टूबर को शुरू हुई कमांडर्स कांफ्रेंस गुरुवार को भी जारी रही। सेना के शीर्ष कमांडर्स ने यहां बदलते सुरक्षा परिदृश्य, सैन्य क्षमताओं और भविष्य की युद्ध संबंधी जरूरतों पर मंथन किया। 23 अक्टूबर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कमांडर्स कांफ्रेंस को संबोधित करेंगे।
कमांडर्स कांफ्रेंस की अध्यक्षता थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ कर रहे हैं। गुरुवार को उन्होंने भारतीय सेना में उड़ान सुरक्षा के उच्च मानकों, अनुशासन और पेशेवर दक्षता को बढ़ावा देने के लिए आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन को उड़ान सुरक्षा ट्रॉफी प्रदान की। यह ट्रॉफी सेना के विमानन दलों में उड़ान सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता और निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं के पालन को मान्यता देती है। इस प्रतियोगिता में हेलीकॉप्टर इकाइयों का आकलन दो अलग-अलग श्रेणियों में किया गया। ऐसा इसलिए ताकि एक इंजन और दो इंजन वाले हेलीकॉप्टर संचालित करने वाली इकाइयों के प्रदर्शन का निष्पक्ष मूल्यांकन किया जा सके। ए
क इंजन वाले हेलीकॉप्टर की श्रेणी में 665 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन (आरएंडओ) ने ट्रॉफी जीती। वहीं, दो इंजन वाले हेलीकॉप्टर की श्रेणी में 209 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन (यूएच) को विजेता घोषित किया गया। सेना प्रमुख द्वारा प्रदान की गई यह ट्रॉफी उड़ान सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता को सम्मानित करती है। इसका उद्देश्य सेना के विमानन अभियानों में अनुशासन, पेशेवर कार्यशैली और सुरक्षा संबंधी प्रक्रियाओं के कड़ाई से पालन को प्रोत्साहित करना है।
भारतीय सेना के मुताबिक, यह सम्मान सेना के विमानन बेड़े में मजबूत उड़ान सुरक्षा संस्कृति विकसित करने और अभियान संबंधी उत्कृष्टता बनाए रखने की प्रतिबद्धता को दोहराता है।
गौरतलब है कि आर्मी कमांडर्स कांफ्रेंस का मुख्य उद्देश्य भारतीय सेना को बदलती युद्ध परिस्थितियों के अनुरूप तैयार करना है। कमांडर्स कांफ्रेंस में भविष्य की सैन्य चुनौतियों से निपटने के लिए जरूरी नीतिगत दिशा भी तय किए जा रहे हैं। आर्मी कमांडर्स कांफ्रेंस वर्ष में दो बार आयोजित की जाती है। यह महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाला सेना का शीर्ष स्तरीय मंच है। इसमें सेना के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ सैन्य तैयारियों और भविष्य की जरूरतों से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा की जाती है।
शुक्रवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कमांडर्स कांफ्रेंस को संबोधित करेंगे। थलसेना का नया ‘लैंड वॉर डॉक्ट्रिन’ तैयार किया गया है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह जमीनी युद्ध यह सिद्धांत जारी करेंगे। यह सिद्धांत भारतीय सेना को युद्ध के बदलते स्वरूप और भविष्य के संघर्षों की चुनौतियों के लिए तैयार करने की रूपरेखा प्रदान करेगा। इसके माध्यम से भविष्य की युद्ध परिस्थितियों के अनुरूप सेना की तैयारी और क्षमताओं को दिशा देने में मदद मिलेगी।
--आईएएनएस
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