CM योगी का बड़ा बयान! भारत के लिए क्यों बेहद खास है 16 मई 2014 की तारीख? जानिए क्या है PM मोदी से कनेक्शन
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के पांचवें दीक्षांत समारोह में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की कानून-व्यवस्था, केंद्र सरकार के कार्यकाल में हुए बदलावों और विकसित भारत के लक्ष्य पर अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले की सरकारों के दौरान प्रदेश में गुंडाराज था, जबकि बीजेपी सरकार में माफिया राज पर कार्रवाई हुई है और कानून का शासन स्थापित करने की दिशा में काम किया गया है।
‘16 मई 2014 विकसित भारत के लिए अहम तारीख’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 16 मई 2014 को देश के राजनीतिक और विकास के सफर की महत्वपूर्ण तारीख बताया। उन्होंने कहा कि इसी दिन लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में सरकार बनने का रास्ता साफ हुआ था। योगी के मुताबिक, इसके बाद देश में कई बड़े बदलावों और सुधारों की प्रक्रिया आगे बढ़ी।
उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार ने 1,500 से अधिक पुराने और गैरजरूरी कानूनों को समाप्त किया। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने और नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित होने जैसे फैसलों का भी उन्होंने उल्लेख किया।
2047 में आज के विद्यार्थी निभाएंगे बड़ी जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने कानून की पढ़ाई पूरी कर रहे विद्यार्थियों को भविष्य की जिम्मेदारियों का अहसास कराया। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 2047 को भारत की आजादी के 100 वर्ष पूरे होंगे। उस समय आज के विद्यार्थी न्यायपालिका, विधायिका और कार्यपालिका में महत्वपूर्ण पदों पर अपनी भूमिका निभा सकते हैं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोई विद्यार्थी भविष्य में न्यायाधीश बनेगा, कोई वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में काम करेगा, जबकि कुछ विद्यार्थी शासन और प्रशासन में अहम जिम्मेदारियां संभालेंगे। इसलिए युवाओं को अभी से अपने ज्ञान, कौशल और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना चाहिए, ताकि वे विकसित भारत के निर्माण में योगदान दे सकें।
वकीलों के लिए सत्य, धर्म और निरंतर अध्ययन जरूरी
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि एक अच्छे वकील के जीवन में सत्य बोलना, धर्म का पालन करना और लगातार अध्ययन करते रहना बेहद जरूरी है। कानून के क्षेत्र में सफलता के लिए केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि न्याय के प्रति प्रतिबद्धता और अपने पेशे की जिम्मेदारियों को समझना भी आवश्यक है।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने ज्ञान का इस्तेमाल समाज और देश के हित में करें तथा न्याय व्यवस्था में लोगों का विश्वास मजबूत बनाने में योगदान दें।
‘शिव जैसा मस्तिष्क, कृष्ण जैसा हृदय और राम जैसा वचन’
अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने विद्यार्थियों को भगवान शिव, श्रीकृष्ण और भगवान राम के आदर्शों से प्रेरणा लेने की सलाह भी दी।
उन्होंने कहा कि शिव जैसा मस्तिष्क व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों में भी शांत रहकर सही निर्णय लेने की प्रेरणा देता है। कृष्ण जैसा हृदय गरीबों, कमजोरों और जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशील रहने का संदेश देता है। वहीं, राम जैसा वचन मर्यादा का पालन करने, सत्य के साथ खड़े रहने और अपनी बात पर कायम रहने की सीख देता है।
मुख्यमंत्री का संदेश था कि कानून के विद्यार्थियों को ज्ञान और पेशेवर दक्षता के साथ नैतिक मूल्यों को भी अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।
विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की अहम भूमिका
दीक्षांत समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून के विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। उन्होंने प्रदेश की कानून-व्यवस्था में आए बदलावों और केंद्र सरकार के प्रमुख फैसलों का उल्लेख करते हुए युवाओं को राष्ट्र निर्माण में भागीदारी निभाने का संदेश दिया।उनके अनुसार, 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने में आज के विद्यार्थियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। इसके लिए उन्हें ईमानदारी, अनुशासन, संवेदनशीलता और निरंतर अध्ययन को अपने जीवन का आधार बनाना होगा।