सीएम विजय की पहल, 'ई-सेवई' पोर्टल से आवेदन कर किसान मुफ्त में ले सकेंगे सिल्ट
चेन्नई, 20 मई (आईएएनएस)। तमिलनाडु सरकार ने बुधवार को किसानों और कुम्हारों को बड़ी राहत देने के लिए अहम फैसला लिया। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित एक समीक्षा बैठक में जलाशयों से गाद (सिल्ट) हटाने की अनुमति देने को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई।
सरकार ने तय किया कि आगामी पूर्वोत्तर मानसून से पहले किसानों, कुम्हारों और घरेलू जरूरतों के लिए लोगों को तालाबों और झीलों से मुफ्त में गाद निकालने की अनुमति दी जाएगी।
बैठक में बताया गया कि तमिलनाडु में करीब 40,000 झीलें और तालाब जल संसाधन विभाग तथा ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विभाग के नियंत्रण में हैं। इन जलाशयों में जमा गाद को हटाने से न केवल किसानों को फायदा होगा, बल्कि जलाशयों की जल-भंडारण क्षमता भी बढ़ेगी।
सरकार ने स्पष्ट किया कि किसान और कुम्हार बिना किसी रॉयल्टी शुल्क के मुफ्त में गाद ले जा सकेंगे। यह पूरी प्रक्रिया संबंधित विभागों के अधिकारियों की निगरानी में होगी ताकि किसी तरह की अनियमितता न हो।
इसके साथ ही सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को भी आसान बनाया है। किसान, कुम्हार और घरेलू उपयोग के लिए गाद लेने के इच्छुक लोग तमिलनाडु ई-सेवई पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन मिलने के बाद, संबंधित तहसीलदार 10 दिनों के भीतर तय मात्रा में गाद लेने की अनुमति जारी करेंगे।
सरकार ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला कलेक्टरों को भी निर्देश दिए हैं। वर्ष 2026-27 के लिए चिन्हित झीलों और तालाबों की सूची जिला राजपत्रों में प्रकाशित की जाएगी। साथ ही जिला प्रशासन को मौजूदा नियमों और दिशानिर्देशों के अनुसार योजना की निगरानी करने को कहा गया है।
इस महत्वपूर्ण बैठक में ग्रामीण विकास एवं जल संसाधन मंत्री एन. आनंद, वित्त मंत्री के.ए. सेनगोट्टैयन, मुख्य सचिव डॉ. एम. साईकुमार, समेत कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और विभागीय सचिव मौजूद रहे।
--आईएएनएस
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