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सीएम हेमंत सोरेन को पीएमएलए कोर्ट से बड़ा झटका, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में डिस्चार्ज पिटिशन खारिज

 

रांची, 8 जून (आईएएनएस)। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को रांची के बड़गाईं क्षेत्र की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सोमवार को बड़ा कानूनी झटका लगा। प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) की विशेष अदालत ने इस मामले में सीएम की ओर से दाखिल डिस्चार्ज पिटिशन खारिज कर दी। विशेष अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पूर्व में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

सोमवार को आदेश सुनाते हुए अदालत ने कहा कि उपलब्ध अभिलेखों और आरोपों के आधार पर इस स्तर पर मामले से आरोपी को मुक्त किए जाने का पर्याप्त आधार नहीं बनता। इसके साथ ही मुख्यमंत्री की डिस्चार्ज पिटिशन खारिज कर दी गई। यह मामला रांची के बड़गाईं अंचल स्थित शांति नगर क्षेत्र की 8.86 एकड़ जमीन के कथित अवैध अधिग्रहण और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से संबंधित है।

मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कर रहा है। ईडी ने अपनी जांच के आधार पर मुख्यमंत्री को इस मामले में आरोपी बनाया है। मुख्यमंत्री की ओर से 5 दिसंबर 2025 को दाखिल डिस्चार्ज याचिका में दावा किया गया था कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं और अभियोजन चलाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं। याचिका में यह भी कहा गया था कि उन्हें मामले में अनावश्यक रूप से आरोपी बनाया गया है तथा ईडी के पास उनके खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं है।

सुनवाई के दौरान ईडी ने याचिका का विरोध करते हुए अदालत से कहा था कि जांच में जुटाए गए साक्ष्य और दस्तावेज मामले की सुनवाई के लिए पर्याप्त आधार प्रस्तुत करते हैं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। डिस्चार्ज याचिका खारिज होने के बाद अब मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी और प्रकरण ट्रायल की दिशा में बढ़ सकता है।

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, मुख्यमंत्री के पास विशेष अदालत के इस आदेश को उच्च न्यायिक मंच पर चुनौती देने का विकल्प उपलब्ध है।

--आईएएनएस

एसएनसी/पीएम