देश के 60% हिस्से में फिर छाए बादल, 20 से 30 जुलाई तक तेज बारिश का अलर्ट; वीडियो में जाने यूपी-बिहार समेत कई राज्यों में बढ़ेगी मानसूनी गतिविधियां
देश में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता दिखाई दे रहा है। करीब 50 से 60 फीसदी हिस्से में बादलों की मौजूदगी दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया के कारण उत्तर प्रदेश, बिहार समेत पूर्वोत्तर के कई राज्यों में बारिश हो रही है। आने वाले दिनों में इन क्षेत्रों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है।मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगले 7 दिनों तक कई राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। वहीं, एक और नया मौसम सिस्टम भूमध्य रेखा के पास सक्रिय हो रहा है, जिसके प्रभाव से देश के मध्य और उत्तरी हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां और बढ़ने की संभावना है।
दो नए सिस्टम से बढ़ेगी बारिश की रफ्तार
ऑल इंडिया वेदर के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव वाले क्षेत्र के अलावा भूमध्य रेखा के पास भी एक नया सिस्टम विकसित हो रहा है। इन दोनों सिस्टम के सक्रिय होने से 20 से 30 जुलाई के बीच मध्य प्रदेश समेत उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होने का अनुमान है।मौसम विभाग का कहना है कि इन सिस्टम के प्रभाव से कई राज्यों में बादल छाए रहेंगे और बारिश का सिलसिला तेज हो सकता है।
यूपी-बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों में अलर्ट
बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया का सबसे ज्यादा असर उत्तर प्रदेश, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों में देखने को मिल रहा है। इन इलाकों में अगले एक सप्ताह तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।बारिश के चलते कुछ क्षेत्रों में जलभराव और नदियों के जलस्तर बढ़ने जैसी स्थिति भी बन सकती है। प्रशासन को सतर्क रहने और स्थानीय स्तर पर निगरानी बढ़ाने की सलाह दी गई है।
मध्य भारत में भी पहुंचेगा मानसून सिस्टम का असर
नए मौसम सिस्टम के प्रभाव से मध्य प्रदेश सहित मध्य भारत के राज्यों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। 20 से 30 जुलाई के बीच कई इलाकों में मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है।मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून के दौरान बनने वाले लो प्रेशर एरिया और अन्य मौसमी सिस्टम बारिश की तीव्रता को प्रभावित करते हैं। इस बार दोनों सिस्टम के सक्रिय होने से देश के बड़े हिस्से में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है।
किसानों के लिए राहत, कुछ जगहों पर सावधानी जरूरी
मानसून की बारिश खेती के लिए काफी फायदेमंद मानी जा रही है। धान समेत खरीफ फसलों की बुवाई और विकास के लिए यह बारिश राहत लेकर आ सकती है।हालांकि, ज्यादा बारिश वाले इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम विभाग ने तेज बारिश के दौरान नदियों, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता और बढ़ने की संभावना है।