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7वीं के छात्र ने मोमोज खाने की लत में दुकानदार को 85 लाख के गहने चोरी कर दिए

 

राजस्थान के एक जिले से चौंकाने वाली घटना सामने आई है। 7वीं के छात्र ने अपनी मोमोज खाने की लत में ऐसा कदम उठा लिया कि सब हैरान रह गए। उसने अपने घर से 85 लाख रुपये के गहने चोरी करके स्थानीय दुकानदार को दे दिए। यह घटना न केवल परिवार के लिए बल्कि इलाके के लोगों के लिए भी सनसनीखेज साबित हुई।

सूत्रों के अनुसार, मामला उस समय उजागर हुआ जब दुकानदार ने गहनों की असली कीमत और छात्र द्वारा किए गए व्यवहार में अंतर देखा। दुकानदार ने बताया कि छात्र ने बड़ी सहजता से गहने लेकर उसके पास पहुंचाए और उन्हें बेचने की पेशकश की। शुरुआत में दुकानदार को यह बात अजीब लगी, लेकिन जब गहनों की जांच की गई तो पता चला कि ये चोरी के गहने हैं।

स्थानीय पुलिस ने बताया कि छात्र ने अपनी व्यक्तिगत लालच और मोमोज खाने की लत के कारण यह कदम उठाया। परिवार ने बताया कि छात्र ने पहले भी छोटे-मोटे चोरी की घटनाओं में शामिल होने की प्रवृत्ति दिखाई थी। हालांकि, 85 लाख रुपये के गहनों का मामला अब तक का सबसे बड़ा खुलासा है।

पुलिस ने बताया कि गहनों को जब्त कर लिया गया है और छात्र के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। “हम मामले की पूरी जांच कर रहे हैं और यह सुनिश्चित करेंगे कि परिवार और दुकानदार को न्याय मिले। बच्चों के ऐसे कदम समाज और परिवार के लिए गंभीर चेतावनी हैं,” अधिकारी ने कहा।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं में बच्चों के मानसिक और सामाजिक वातावरण की बड़ी भूमिका होती है। लत, लालच और अनुशासनहीनता बच्चों को असामान्य कदम उठाने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। इसके अलावा, माता-पिता और स्कूल का मार्गदर्शन भी इस मामले में महत्वपूर्ण होता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, छात्र ने अपने परिवार को गहने चोरी करने की योजना के बारे में नहीं बताया था। दुकानदार के पास पहुंचने तक उसे विश्वास था कि यह केवल एक खेल या मजाक की तरह है। लेकिन जब गहनों की असली कीमत सामने आई, तब स्थिति गंभीर हो गई।

स्थानीय लोगों ने इस घटना पर चिंता जताई। उनका कहना है कि बच्चों में इस तरह की प्रवृत्ति न केवल उनकी सुरक्षा के लिए बल्कि समाज के लिए भी खतरा बन सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार और स्कूल को मिलकर बच्चों की आदतों और रुचियों पर नजर रखनी चाहिए।

कुल मिलाकर, 7वीं के छात्र द्वारा मोमोज खाने की लत में 85 लाख रुपये के गहने चोरी करने की यह घटना न केवल चौंकाने वाली है, बल्कि यह समाज और परिवार के लिए चेतावनी भी है। परिवार, स्कूल और प्रशासन की संयुक्त जिम्मेदारी है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने और बच्चों को सही मार्गदर्शन देने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।