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फ्रांस के प्रदर्शनों और भारत में CEC के इस्तीफे की मांग के बीच कनेक्शन का दावा, वीडियो में जाने फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट में 101 संगठनों का जिक्र

 

फ्रांस में जारी विरोध प्रदर्शनों और भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहे आंदोलनों के बीच अंतरराष्ट्रीय संगठनों के नेटवर्क का दावा सामने आया है। अमेरिकी न्यूज चैनल फॉक्स न्यूज की 20 अक्टूबर को प्रकाशित एक रिपोर्ट में 13 देशों में सक्रिय 101 संगठनों का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ये संगठन अलग-अलग देशों में प्रदर्शनों के आयोजन, उनके बीच समन्वय बनाने या सोशल मीडिया के जरिए उन्हें बढ़ावा देने में भूमिका निभा रहे हैं। हालांकि, रिपोर्ट में बताए गए नेटवर्क और सभी प्रदर्शनों के बीच किसी एक केंद्रीय संचालन का दावा स्वतंत्र रूप से स्थापित होना अलग विषय है।

इंडियन अलायंस पेरिस और पीपल्स फोरम का भी जिक्र

फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट ‘ग्लोबल केऑस इंक ग्रोज टू 101 ग्रुप्स’ में फ्रांस स्थित इंडियन अलायंस पेरिस (IAP) और अमेरिका के मैनहैटन स्थित पीपल्स फोरम के बीच साझेदारी का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट में कई वामपंथी, समाजवादी, छात्र और ट्रेड यूनियन संगठनों के नाम शामिल हैं।रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म डिसइन्फोलैब की एक पोस्ट में दावा किया गया कि इंडियन अलायंस पेरिस के सचिव जॉय बनर्जी फ्रांस की ट्रेड यूनियन CGT के पूर्व प्रतिनिधि रह चुके हैं और उनके फ्रांसीसी कम्युनिस्ट पार्टी से संबंध रहे हैं। ये दावे संबंधित स्रोतों के हवाले से किए गए हैं। इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्यों के रूप में देखने के लिए अतिरिक्त साक्ष्यों की जरूरत होगी।

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प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल की ब्रीफिंग में भारत और फ्रांस के आंदोलनों का उल्लेख

रिपोर्ट में अंतरराष्ट्रीय संगठन प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल का भी जिक्र है। संगठन ने 16 अक्टूबर को अपनी वेबसाइट पर जारी ब्रीफिंग में फ्रांस, स्पेन, भारत और अल्बानिया में चल रहे आंदोलनों को एक साथ शामिल किया था।इस ब्रीफिंग में अलग-अलग देशों में विरोध प्रदर्शनों के पीछे की वजहों और उन्हें राजनीतिक बदलाव में बदलने की संभावनाओं पर चर्चा की गई। संगठन ने विभिन्न आंदोलनों और उनके समर्थक समूहों के बीच संपर्क एवं सहयोग की भूमिका का भी उल्लेख किया।फॉक्स न्यूज ने इस ब्रीफिंग को अपने बताए गए अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के संदर्भ में पेश किया है। हालांकि, अलग-अलग देशों के आंदोलनों का एक ही दस्तावेज में उल्लेख होना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि सभी प्रदर्शनों का संचालन एक ही संगठन कर रहा है। 

नेविल रॉय सिंघम पर आर्थिक मदद देने के आरोप

फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट में चीन के शंघाई में रहने वाले अमेरिकी मूल के कारोबारी नेविल रॉय सिंघम का नाम भी शामिल है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सिंघम कुछ वामपंथी संगठनों को आर्थिक सहायता देते हैं और ऐसे संगठनों के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संपर्क मौजूद हैं।इन आरोपों के संदर्भ में वित्तीय लेनदेन, संगठनों के संबंधों और किसी विशेष प्रदर्शन में उनकी भूमिका को अलग-अलग देखना जरूरी है। किसी संगठन को आर्थिक सहायता मिलने का दावा अपने आप में यह साबित नहीं करता कि उसके समर्थन से होने वाले सभी प्रदर्शनों को एक ही व्यक्ति नियंत्रित करता है।

20 नवंबर को इंटरनेशनल यूथ स्ट्राइक का भी जिक्र

रिपोर्ट में फ्रांस में 24 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शनों और 20 नवंबर को होने वाली इंटरनेशनल यूथ स्ट्राइक का भी उल्लेख किया गया है। फॉक्स न्यूज के मुताबिक, कई छात्र, युवा और वामपंथी संगठन इन गतिविधियों के लिए समर्थन जुटा रहे हैं।इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय संगठनों के बीच सहयोग और अलग-अलग देशों में हो रहे आंदोलनों के संबंधों पर चर्चा तेज हो सकती है। हालांकि, भारत में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहे प्रदर्शनों और फ्रांस की घटनाओं के बीच वास्तविक संगठनात्मक संबंधों की पुष्टि के लिए स्वतंत्र साक्ष्य और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रियाएं महत्वपूर्ण होंगी।