हवाई किराए में 700% तक बढ़ोतरी का दावा, सुप्रीम कोर्ट ने PIL सुनने से किया इनकार, कहा- 'हवाई यात्रा मत करिए'
देश में लगातार बढ़ते हवाई किराए को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। याचिकाकर्ता की ओर से दावा किया गया था कि विमान टिकटों के किराए में 700 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। इस पर कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा, 'आप हवाई यात्रा मत करिए। आगे बढ़िए।' जस्टिस जे. विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली बेंच ने मामले में दलीलें सुनने के बाद याचिका खारिज कर दी।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि हवाई यात्रा आज के समय में एक जरूरी सेवा बन चुकी है। ऐसे में टिकटों के किराए में 700 फीसदी तक की बढ़ोतरी आम लोगों के लिए परेशानी का कारण है। उन्होंने दलील दी कि किराए में इतनी अधिक वृद्धि संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत समानता के अधिकार का उल्लंघन करती है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।
भारत में हर साल होती हैं करीब 24 करोड़ हवाई यात्राएं
भारत में हवाई यात्रा करने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। नागर विमानन मंत्रालय और DGCA के 2024-25 के आंकड़ों के मुताबिक, देश में हर साल करीब 24 करोड़ यात्री हवाई सफर करते हैं। इनमें 16.55 करोड़ घरेलू और 7.39 करोड़ अंतरराष्ट्रीय यात्री यात्राएं शामिल हैं। ऐसे में हवाई किराए में होने वाला बदलाव करोड़ों यात्रियों की जेब पर सीधा असर डालता है।
एयरलाइंस खुद तय कर सकेंगी टिकटों का किराया
इसी बीच केंद्र सरकार ने सोमवार को भारतीय वायुयान नियम, 2026 का गजट जारी किया है। नए नियमों के तहत एयरलाइंस को हवाई टिकटों का किराया खुद तय करने की छूट दी गई है। यानी विमानन कंपनियों को किराया बढ़ाने या घटाने के लिए सरकार से पहले अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी।हालांकि, किसी असाधारण या अपरिहार्य स्थिति में सरकार विमानन कंपनियों को किराए के संबंध में जरूरी निर्देश दे सकेगी। ये नए नियम 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे। इससे आने वाले समय में हवाई टिकटों की कीमतों को लेकर विमानन कंपनियों को ज्यादा स्वतंत्रता मिलने की उम्मीद है।
त्योहारों के सीजन में महंगे हुए फ्लाइट टिकट
त्योहारी सीजन में हवाई टिकटों की कीमतों में भी काफी उछाल देखने को मिला है। पिछले साल के मुकाबले इस बार कई रूटों पर किराया महंगा हुआ है। इसके पीछे हवाई ईंधन यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की बढ़ती कीमतों और उड़ानों की सीमित उपलब्धता को प्रमुख वजह बताया जा रहा है।नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने भी कहा है कि ATF की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण एयरलाइंस के लिए टिकटों के किराए को नियंत्रित रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
एअर इंडिया और इंडिगो ने भी बढ़ाया था किराया
कुछ दिन पहले ही एअर इंडिया और इंडिगो ने जेट फ्यूल महंगा होने के चलते टिकटों पर अतिरिक्त फ्यूल चार्ज लगाने का ऐलान किया था।एअर इंडिया ने 9 अक्टूबर से घरेलू उड़ानों के टिकटों पर 1,200 रुपये तक और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर 17,800 रुपये तक अतिरिक्त फ्यूल चार्ज लगाने की घोषणा की थी। ये नए शुल्क एअर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ानों पर भी लागू किए गए हैं।इस फैसले का असर यात्रियों की जेब पर पड़ रहा है। खासकर त्योहारों और छुट्टियों के दौरान घर जाने या घूमने का प्लान बनाने वाले लोगों को पहले के मुकाबले ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।