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NEET पेपर खरीदकर पास होने का दावा: मार्कशीट में कम नंबरों ने खोली ‘पेपर लीक’ की पोल, जांच के घेरे में मामला

 

मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर एक बार फिर चौंकाने वाला दावा सामने आया है, जिसमें परीक्षा प्रक्रिया और चयन प्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक कथित मार्कशीट को लेकर कहा जा रहा है कि एक उम्मीदवार ने फिजिक्स में 9 और बायोलॉजी में 20 अंक हासिल किए, फिर भी वह “पेपर खरीदकर” डॉक्टर बन गया।

इस दावे ने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है। हालांकि अभी तक इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित एजेंसियों की आधिकारिक जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है।

क्या है पूरा मामला?

वायरल पोस्ट्स के अनुसार, कुछ उम्मीदवारों ने परीक्षा में कम अंक प्राप्त करने के बावजूद कथित रूप से पेपर लीक या अनियमितताओं के जरिए मेडिकल कॉलेज में प्रवेश हासिल किया। इसी संदर्भ में एक मार्कशीट सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही है, जिसमें बेहद कम स्कोर दिखाया गया है, लेकिन उसके बावजूद चयन होने का दावा किया जा रहा है।

जांच की मांग तेज

मामला सामने आने के बाद शिक्षा और मेडिकल क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने गहरी जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि ऐसे किसी भी तरह की गड़बड़ी की पुष्टि होती है, तो यह न केवल परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठाएगा, बल्कि लाखों छात्रों के भविष्य को भी प्रभावित करेगा।

NEET और पारदर्शिता का सवाल

NEET भारत की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक है, जिसमें हर साल लाखों छात्र डॉक्टर बनने के लिए हिस्सा लेते हैं। ऐसे में किसी भी तरह की अनियमितता या पेपर लीक की खबरें गंभीर मानी जाती हैं और इनकी जांच केंद्रीय एजेंसियों द्वारा की जाती है।

आधिकारिक पुष्टि नहीं

फिलहाल इस पूरे मामले में किसी भी सरकारी एजेंसी की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि वायरल मार्कशीट या दावा सही है। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल कई मामलों में अधूरी या भ्रामक जानकारी भी हो सकती है, इसलिए निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच रिपोर्ट का इंतजार जरूरी है।