CJP कार्यकर्ता assault केस: SC/ST एक्ट की धाराएं जुड़ते ही बदला मामला, 72 घंटे में पुलिस करेगी आरोपी को अरेस्ट
दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP कार्यकर्ता नीशू आजाद के पिता संजय कुमार के साथ हुई कथित मारपीट का मामला एक बार फिर चर्चा में है। शुक्रवार को CJP की ओर से पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर प्रदर्शन किया गया। संगठन की मांग थी कि मामले में आरोपी बताए जा रहे स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाए।
CJP प्रतिनिधियों और दिल्ली पुलिस के बीच करीब तीन घंटे तक बैठक चली। संगठन के मुताबिक, पुलिस ने भरोसा दिया है कि आरोपी के खिलाफ SC/ST एक्ट की संबंधित धाराएं लगाई जाएंगी और 72 घंटे के भीतर गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला 23 जून का है, जब जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार के साथ मारपीट होने का आरोप लगाया गया था।
वायरल पॉडकास्ट के बाद फिर गरमाया मामला
मामले ने उस समय नया मोड़ लिया जब स्वतंत्र भारद्वाज का एक पॉडकास्ट वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में वह संजय कुमार पर हमला करने की बात स्वीकार करते हुए नजर आते हैं। हालांकि, भारद्वाज का कहना है कि उन्होंने यह कार्रवाई सेल्फ-डिफेंस में की थी।
CJP की ओर से सवाल उठाया गया कि अगर आरोपी खुद संजय पर हमला करने की बात कह रहा है, तो पुलिस की ओर से अब तक क्या कार्रवाई की गई है।
हालांकि, पूरे मामले में आरोपी और पुलिस का पक्ष भी अलग है।
थाने के बाहर बैरिकेडिंग, पुलिस से हुई बातचीत
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने थाने के बाहर बैरिकेडिंग कर रखी थी। CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका को शुरुआत में बैरिकेडिंग के पास रोक दिया गया। इसके बाद उन्होंने पुलिस अधिकारियों से बातचीत की।
बाद में पुलिस ने CJP प्रतिनिधियों सौरव दास और आशुतोष रांका को बैरिकेडिंग के बीच से रास्ता देकर अंदर आने की अनुमति दी।
क्या है पूरा मामला?
23 जून को जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान नीशू आजाद के पिता संजय कुमार के सिर में चोट लगी थी। उनकी शिकायत के आधार पर पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में मामला दर्ज किया गया।
नीशू आजाद का आरोप है कि उनके पिता के सिर पर हमला किया गया और घटना के काफी समय बाद भी पुलिस ने अपेक्षित कार्रवाई नहीं की।
पीड़ित पक्ष का क्या कहना है?
संजय कुमार के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान उनके साथ मारपीट हुई थी। CJP का आरोप है कि इस घटना में उनके सिर पर गंभीर चोट लगी।
नीशू आजाद लगातार आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही हैं। उनका कहना है कि मामले में कार्रवाई में देरी हुई है और उन्हें सोशल मीडिया पर भी धमकियों का सामना करना पड़ रहा है।
आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज ने क्या कहा?
स्वतंत्र भारद्वाज ने वायरल पॉडकास्ट में संजय कुमार के सिर पर हमला करने की बात कही थी। हालांकि, उनका दावा है कि यह हमला सेल्फ-डिफेंस में किया गया था।
भारद्वाज के मुताबिक, उन्हें 10-15 लोगों ने घेर लिया था और उन्हें डर था कि भीड़ उन पर हमला कर सकती है। उनका कहना है कि इसी स्थिति में उन्होंने अपने बचाव में कार्रवाई की।
इसलिए वीडियो में कही गई बात को मामले का अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। घटना की परिस्थितियों और दोनों पक्षों के दावों की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।
दिल्ली पुलिस का पक्ष क्या है?
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 23 जून को संजय कुमार के सिर पर एक कड़े/ब्रेसलेट जैसी वस्तु से चोट लगी थी। उन्हें मेडिकल जांच के लिए RML अस्पताल ले जाया गया था।
पुलिस का कहना है कि मेडिको-लीगल केस में चोट को साधारण बताया गया था। पुलिस ने सिर फटने या खोपड़ी में फ्रैक्चर होने के दावे को गलत बताया है।
पुलिस के अनुसार, सूरज कुमार (24) और स्वतंत्र भारद्वाज (21) को घटना के बाद मौके से हिरासत में लिया गया था। जांच के दौरान दोनों से पूछताछ की गई और उन्हें नोटिस भी दिए गए।
पुलिस का कहना है कि मामले में कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा चुकी है और जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
संजय कुमार का एक और वीडियो भी वायरल
इस बीच संजय कुमार का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वह कथित तौर पर सामने वाले व्यक्ति को आमने-सामने लड़ने की चुनौती देते नजर आ रहे हैं।
वीडियो में वह कहते हैं कि अगर सामने वाला उनसे लड़ना चाहता है तो वह जहां बुलाएगा, वहां आने के लिए तैयार हैं।
हालांकि, संजय कुमार ने इस वीडियो को लेकर सफाई दी है। उनका कहना है कि वायरल वीडियो अधूरा है और उसमें पूरी बात नहीं दिखाई गई।
उन्होंने कहा कि उनका आशय सिर्फ इतना था कि अगर सामने वाले को लड़ना है तो वह सामने आकर बात करे।
नीशू आजाद ने सुरक्षा की मांग की
नीशू आजाद ने कहा कि पुलिस ने उन्हें भरोसा दिया है कि आरोपी के खिलाफ 72 घंटे के भीतर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सोशल मीडिया पर कथित तौर पर गाली-गलौज और धमकियां देने वाले लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की भी बात कही।
नीशू का आरोप है कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं और उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। उन्होंने पुलिस से सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि ऑनलाइन धमकियों के चलते वह मानसिक रूप से काफी परेशान हुईं।
CJP ने पुलिस के सामने रखीं ये मांगें
बैठक के दौरान CJP की ओर से कथित मारपीट के मामले में FIR में हत्या के प्रयास, आपराधिक धमकी और SC/ST एक्ट से जुड़ी धाराएं जोड़ने की मांग की गई।
CJP के वकील ऋषव रंजन के मुताबिक, पुलिस ने संबंधित धाराओं को जोड़ने पर सहमति जताई है। साथ ही नीशू आजाद को ऑनलाइन दी जा रही कथित धमकियों के खिलाफ अलग FIR दर्ज करने की मांग भी रखी गई।
पुलिस की ओर से आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ जल्द गिरफ्तारी की कार्रवाई का भरोसा दिए जाने की बात कही गई है।
फिलहाल इस पूरे मामले में पीड़ित पक्ष, आरोपी और पुलिस के दावे अलग-अलग हैं। ऐसे में आगे की पुलिस जांच और कानूनी कार्रवाई के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना में वास्तव में क्या हुआ था और किन धाराओं के तहत मामला आगे बढ़ता है।