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सीजेपी को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं, भाषा संवाद का विषय है न कि विवाद का: आनंद दुबे

 

मुंबई, 25 अगस्‍त (आईएएनएस)। शिवसेना (यूबीटी) नेता आनंद दुबे ने मॉस्को में विदेश मंत्री एस. जयशंकर की रूस के राष्‍ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ मुलाकात पर सकारात्‍मक प्रतिक्रिया जाहिर की। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है। हमें नई शिक्षा नीति में सबका साथ-सबका विकास वाले फॉर्मूले को लाना पड़ेगा।

उन्‍होंने मराठी भाषा विवाद पर कहा कि भाषा संवाद का विषय है न कि विवाद का।

शिवसेना (यूबीटी) नेता आनंद दुबे ने समाचार एजेंसी आईएएनएस में मॉस्को में विदेश मंत्री एस. जयशंकर की रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ हुई मुलाकात पर कहा, "जयशंकर रूस में पुतिन से मिले हैं। रूस के साथ हमारे बहुत पुराने संबंध हैं—सांस्कृतिक और व्यापारिक रिश्ते। हमें लगता है कि जब विदेश मंत्री किसी देश के प्रमुख से मिलते हैं तो उससे देश के लिए निश्चित रूप से कोई अच्छी खबर आनी चाहिए।"

उन्‍होंने कहा कि इस समय पूरी दुनिया में युद्ध का माहौल है, उसमें बहुत बड़े देश से हमारा दोस्‍ताना अंदाज यह दिखाता है कि हमारे रिश्‍ते बहुत मजबूत हैं। परमाणु समझौते, हथ‍ियारों को लेकर समझौता है, व्‍यापार समझौता है, इस सब चीजों को बल मिलता है। मेरा मानना है कि सरकार की नीति देश हित में होनी चाहिए। अगर प्रधानमंत्री और रूस के राष्‍ट्रपति के रिश्‍ते मजबूत होते हैं तो इससे आने वाली पीढ़ी को लाभ मिलता है।

उन्‍होंने कहा कि सरकार की आलोचना हर जगह नहीं करनी चाहिए। कहीं-कहीं देश के साथ खड़े होकर सरकार को समर्थन देना पड़ता है। मैं सबसे पहले देश के साथ हूं। देश हमारा सबकुछ है, देश से आगे कुछ भी नहीं।

पंजाब चुनाव को लेकर आनंद दुबे ने कहा कि अगर भाजपा 117 सीटों पर चुनाव लड़ने जा रही है, तो उस पार्टी का प्रदेश में क्‍या कैडर है, संगठन है क्‍या, उनके कितने सांसद और विधायक हैं, इस पर विचार करना चाहिए। यह राज्‍यसभा का चुनाव नहीं है कि दूसरे के दल के सांसद को पार्टी में मिला लें। यह विधानसभा चुनाव है। इसमें लड़ना पड़ता है। भाजपा वहां चुनाव जरूर लड़े, लेकिन दो-चार सीटें जीते तो।

उन्‍होंने कहा कि पंजाब में भाजपा का कैडर कमजोर है। वह चाहे 117 सीट पर लड़े या 17 पर होना जाना कुछ नहीं है।

मद्रास हाई कोर्ट द्वारा पांच विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव पर रोक लगाने के मामले में शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा, "मद्रास हाई कोर्ट के इस फैसले के कारणों और आधार को लेकर सरकार और हाई कोर्ट के बीच अभी बहस चल रही है। हमारा मानना ​​है कि कोर्ट में चल रहे या न्यायपालिका द्वारा देखे जा रहे मामलों पर हम जैसे नेताओं को बहुत ज्‍यादा बयान देने की जरूरत नहीं है। वहां नई सरकार बनी है और वह अपना काम कर रही है।"

मराठी भाषा विवाद पर आनंद दुबे ने कहा कि महाराष्‍ट्र में रहने वाला हर व्‍यक्ति मराठी है, मराठी बोलता है, समझता है, और मराठी संस्‍कृति का पालन करता है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को किसी दूसरे राज्‍य में बैठ कर यह बयान देने की जरूरत नहीं है कि महाराष्‍ट्र में क्‍या हो रहा है। हम महाराष्‍ट्र के लोग सक्षम हैं। 40 लाख से ज्‍यादा हिंदी भाषी यहां रहते हैं। ऐसे में मराठी और हिंदी के बीच किसी प्रकार का विवाद नहीं है।

उन्‍होंने कहा कि भाषा संवाद का विषय होती है न कि विवाद का। हमें लगता है कि समाजवादी पार्टी को उत्‍तर प्रदेश में कैसे चुनाव लड़ना है, उस पर ध्‍यान देने की जरूरत है। यहां पर हिंदी भाषी लोग मराठी बोल रहे हैं, मराठी सीख गए हैं और जो नहीं सीखे हैं उनको समय दिया जा रहा है।

सीजेपी के आंदोलन को लेकर आनंद दुबे ने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्‍ली के जंतर-मंतर पर एक बार आंदोलन किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्‍तीफा लिया। इसका मतलब यह नहीं है कि वह बार-बार आंदोलन करेंगे तो इस्‍तीफे होते रहेंगे। उनकी और सरकार के बीच प्रेस वार्ता के दौरान क्‍या बात हुई सबको पता है। सीजेपी कोई राजनीतिक पार्टी नहीं है, उसके प्रभाव को हर कोई जानता है। हमें मुद्दों की लड़ाई लड़नी है। हमें नई शिक्षा नीति में सभी का साथ सभी का विकास का फॉर्मूला लाना पड़ेगा। बाकी कॉकरोच जनता पार्टी को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी