CJI सूर्य कांत ने ‘कॉकरोच’ और ‘परजीवी’ वाले बयान पर दी सफाई, कहा- मेरे शब्दों का गलत अर्थ निकाला गया
भारत के मुख्य न्यायाधीश Justice Surya Kant ने अपने हालिया ‘कॉकरोच’ और ‘परजीवी’ वाले बयान पर स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत संदर्भ में लिया गया है और उसका वास्तविक उद्देश्य अलग था।
मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि उन्होंने यह टिप्पणी उन व्यक्तियों के संदर्भ में की थी, जो जाली डिग्रियों के आधार पर सम्मानित पेशों में प्रवेश कर जाते हैं और योग्य एवं ईमानदार युवाओं के अवसरों को प्रभावित करते हैं।
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी वर्ग विशेष को निशाना बनाना नहीं था, बल्कि सिस्टम में मौजूद उन खामियों की ओर ध्यान दिलाना था, जिनका फायदा उठाकर कुछ लोग गलत तरीके से लाभ हासिल कर लेते हैं।
न्यायमूर्ति सूर्य कांत के अनुसार, ऐसे मामलों से न केवल पेशेवर मानकों पर असर पड़ता है, बल्कि मेहनती और योग्य उम्मीदवारों के अधिकार भी प्रभावित होते हैं, जिन्हें अपनी योग्यता के बावजूद अवसर मिलने में कठिनाई होती है।
उनके इस स्पष्टीकरण के बाद कानूनी और सामाजिक हलकों में इस मुद्दे पर चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि फर्जी डिग्रियों और योग्यता प्रमाणपत्रों की समस्या गंभीर है और इस पर सख्त निगरानी की आवश्यकता है।