'सीजेआई के पास इंडिया गठबंधन से मिलने का समय नहीं', सपा प्रवक्ता अमीक जामेई का दावा
नई दिल्ली, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्षी दलों का विरोध जारी है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और एसआईआर को खारिज करने की मांग की है। विपक्षी नेताओं ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप करने की अपील भी की। समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अमीक जामेई ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं को भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) से मुलाकात का समय नहीं मिल पाया।
लखनऊ में समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अमीक जामेई ने कहा कि सीजेपी आंदोलन हो या देशभर में चल रहा छात्रों का विरोध-प्रदर्शन, अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी ने शुरुआत से ही शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े छात्रों का समर्थन किया है। छात्रों के सड़कों पर उतरने के साथ भारत में लोकतंत्र की रक्षा के लिए एक बड़ा आंदोलन उभर रहा है, जिस पर पूरी दुनिया की नजर है। स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों और बलिदानों का सम्मान करने वाले सभी लोग उनके आदर्शों को कायम देखना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी नेता भारत के मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात करना चाहते थे। विपक्षी नेता मुलाकात का इंतजार कर रहे थे, लेकिन जानकारी मिली कि सीजेआई के पास इंडिया गठबंधन के नेताओं से मिलने का समय नहीं है।
जामेई ने सवाल उठाया कि जब चुनाव आयोग विपक्ष की बात सुनने के लिए तैयार नहीं है और प्रधानमंत्री संसद में इन मुद्दों पर चर्चा नहीं करना चाहते, तो विपक्ष अपनी शिकायतें कहां रखे। उन्होंने इस स्थिति को लेकर चिंता जताई।
दिल्ली में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि राहुल गांधी इस मुद्दे पर कई बार अपनी बात रख चुके हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग दोहराई। चौधरी ने कहा कि पूरी एसआईआर प्रक्रिया को खारिज किया जाना चाहिए और सुप्रीम कोर्ट को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष अपनी सभी मांगें सामने रख रहा है।
कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि उनकी पार्टी संविधान में विश्वास करती है। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने मुलाकात के लिए समय मांगा था, लेकिन बताया गया कि न्यायिक प्रक्रिया चल रही है। विपक्ष ने न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हुए उसका पालन किया। इस दौरान उन्होंने भाजपा पर हमला करते हुए वोट चोरी और संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग के आरोप लगाए। उन्होंने ज्ञानेश कुमार की भूमिका और परिस्थितियों को लेकर भी सवाल उठाए।
--आईएएनएस
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