चुनावी हार की हताशा में लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं अखिलेश : भाजपा
नई दिल्ली, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान से जेल में सपा प्रमुख अखिलेश यादव की मुलाकात पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, भाजपा नेता नाजिया इलाही खान और नीरज सिंह ने सपा नेतृत्व पर निशाना साधा।
उत्तर प्रदेश के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने आजम खान पर आरोप लगाया कि उन्होंने अतीत में हिंदुत्व और भारत को लेकर विवादित बयान दिए हैं। आजम खान से जुड़े विश्वविद्यालय और अन्य मामलों में कानून के तहत कार्रवाई हुई है। स्वतंत्र देव सिंह ने समाजवादी पार्टी पर आरोप लगाया कि वह अपनी पार्टी से जुड़े नेताओं का समर्थन करती है, भले ही उनके खिलाफ गंभीर आरोप या कानूनी मामले क्यों न हों। उन्होंने कहा कि भाजपा गलत काम करने वालों को बख्शने के पक्ष में नहीं है और कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
भाजपा नेता नाजिया इलाही खान ने भी सपा प्रमुख अखिलेश यादव की मुलाकात पर तंज कसा। उन्होंने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री बनने की आकांक्षा रखने वाले नेता को अपराधी से मुलाकात करनी पड़ रही है क्योंकि, उन्हें गुंड़े और माफिया के वोट चाहिए। उन्होंने अखिलेश यादव की राजनीतिक रणनीति की आलोचना करते हुए कहा कि उनका रुख उन्हें चुनावी लाभ दिलाने के बजाय नुकसान ही पहुंचाएगा।
उन्होंने अखिलेश यादव की राजनीति की तुलना उनके पिता और सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के राजनीतिक रुख से भी की।
भाजपा नेता नीरज सिंह ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के चुनाव से संबंधित बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव लंबे समय से सत्ता से बाहर हैं और उनके नेतृत्व में समाजवादी पार्टी को कई चुनावों में हार का सामना करना पड़ा है। चुनावों में गड़बड़ी के आरोप लगाकर पूरी लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल उठाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
दूसरी ओर, आजम खान से मुलाकात के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया।
उन्होंने लिखा कि रामपुर की धरती से आजम खान साहब के लिए हमारा यही ऐलान है, जो आजम थे, वो हैं, और वो रहेंगे। फर्जी मुकदमों में इतनी ताकत नहीं है कि वो सच को कैद कर सकें। षड्यंत्र रचकर किसी को कैद में रखने वाला भी हमेशा अपने दिमाग की जेल में डरके मारे बंद रहता है, क्योंकि उसे हर पल यही डर सताता है कि कल को जब सच सामने आएगा तो उसे अपने किए की सजा भुगतनी ही होगी। वो कल की सजा के बारे में सोच-सोचकर अंदर-ही-अंदर गलता-डरता रहता है। भ्रष्ट अधिकारी और फर्जी मुकदमे भाजपाई शासन-प्रशासन के दो अहम हथियार हैं। जब भी भाजपा की नाइंसाफी का इतिहास लिखा जाएगा, रामपुर का नाम सबसे ऊपर आएगा। जौहर यूनिवर्सिटी को बंद करने की साजिश दरअसल पीडीए से पढ़ाई के अधिकार को छीनने का षड्यंत्र है। जो हजारों स्कूल बंद कर सकते हैं, वो यूनिवर्सिटी को क्या छोड़ेंगे। बदले की भावना रखनेवाली भाजपा को जनता हमेशा के लिए बदल देगी।
--आईएएनएस
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