आयोग जीरो टॉलरेंस नीति पर कर रहा काम, गड़बड़ी मिली तो होगा पुनर्मतदान : मनोज अग्रवाल
कोलकाता, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए 142 विधानसभा सीटों पर मतदान जारी है। कोलकाता में मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने मतदान प्रक्रिया के बीच हुई कुछ घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और किसी भी तरह की गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि एक स्थान पर भीड़ जमा होने की घटना सामने आई थी, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए क्विक रिस्पॉन्स टीम को मौके पर भेजा गया। इसके साथ ही कोलकाता पुलिस और केंद्रीय बल भी तुरंत वहां पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदान के दिन इस तरह की घटनाएं उचित नहीं हैं और ऐसी स्थिति से सख्ती से निपटा जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कहा कि तय मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार, मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की होती है।
उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन ईवीएम और मतदान कर्मियों की सुरक्षा भी इन्हीं बलों के जिम्मे होती है। यदि किसी व्यक्ति की पहचान कानून उल्लंघन करने वाले के रूप में होती है, तो उसके खिलाफ जनप्रतिनिधित्व अधिनियम और अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मनोज कुमार अग्रवाल ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है। जहां भी गड़बड़ी की पुष्टि होगी, चाहे वह वेबकास्टिंग, जमीनी रिपोर्ट या पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के जरिए सामने आए, वहां पुनर्मतदान कराने का निर्णय लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आयोग हर शिकायत को गंभीरता से ले रहा है और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।
मतदान की गोपनीयता को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि वोटिंग कक्ष के अंदर किसी प्रकार का कैमरा या सीसीटीवी नहीं होता। कैमरे केवल यह रिकॉर्ड करते हैं कि मतदाता कक्ष में प्रवेश कर रहा है और बाहर आ रहा है लेकिन वोट किसे दिया गया, यह पूरी तरह गोपनीय रहता है। उन्होंने कहा कि मतदान की गोपनीयता लोकतंत्र का अहम हिस्सा है और इसे पूरी तरह सुरक्षित रखा जाता है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी व्यक्ति चुनाव प्रक्रिया में बाधा डालने या कानून तोड़ने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जेल की सजा भी शामिल हो सकती है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के मतदान के दौरान चुनाव आयोग की ओर से सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर सख्त रुख अपनाया गया है।
--आईएएनएस
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