वाम दलों ने ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की, 26 सितंबर से करेंगे प्रदर्शन
नई दिल्ली, 24 सितंबर (आईएएनएस)। चुनाव आयोग और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर वाम दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और एसआईआर की प्रक्रिया तत्काल रोकने की मांग की है। सीपीआई (एमएल) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर पूरे देश में नाराजगी है। तीनों वामपंथी कम्युनिस्ट पार्टियों ने संयुक्त रूप से 26 सितंबर से 2 अक्टूबर तक देशभर में विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है।
सीपीआई (एमएल) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि बिहार में एसआईआर की शुरुआत के समय से ही वाम दल जिन मुद्दों को उठाते रहे हैं, वही मुद्दे अब चुनाव आयोग की प्रक्रिया के माध्यम से सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि उनकी प्रमुख मांगों में ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाना और एसआईआर की प्रक्रिया को तुरंत रोकना शामिल है।
सीपीआई (एम) के पूर्व सांसद हन्नान मोल्लाह ने भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दिपके के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विरोध प्रदर्शन करना अच्छी बात है और कई लोगों ने इसके लिए आगे आने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार को केवल इस्तीफा नहीं देना चाहिए, बल्कि उन्हें पद से हटाया जाना चाहिए।
हन्नान मोल्लाह ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार ने संविधान के खिलाफ गंभीर अपराध किया है और चुनावी व्यवस्था को बाधित करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि कई लोगों के मतदान के अधिकार को प्रभावित किया गया है।
मोल्लाह ने मांग की कि मामले में जल्द से जल्द कड़ी कार्रवाई हो और अदालत भी इस पर शीघ्र संज्ञान ले। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए, जिससे भविष्य में कोई भ्रष्ट व्यक्ति इस तरह के संवैधानिक पद पर न पहुंच सके।
बिहार में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मुद्दे पर भी हन्नान मोल्लाह ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिहार में लगातार महिलाओं के खिलाफ घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन सरकार उन्हें रोकने में सक्षम नहीं हो रही है। उनके मुताबिक, राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब है और सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार बड़े-बड़े वादे करती है, लेकिन अपराध पर प्रभावी रोक नहीं लगा पा रही है। बिहार सरकार को जल्द से जल्द कड़े कदम उठाने चाहिए, ताकि अपराध पर लगाम लगाई जा सके।
--आईएएनएस
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