☰
×

चुनाव आयोग संवैधानिक संस्था, एसआईआर को लेकर भ्रम न फैलाए विपक्ष: विपिन परमार

 

केलांग, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर पलटवार किया है। केलांग में आयोजित पत्रकारवार्ता में भाजपा नेता ने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े विषयों पर चर्चा तथ्यों तथा आधिकारिक जानकारी के आधार पर होनी चाहिए।

विपिन परमार ने कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण एक नियमित प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना और सूची को अपडेट करना है।

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के अनुसार एसआईआर का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो।

उन्होंने कहा कि पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं के नाम, आयु, पता और अन्य आवश्यक विवरणों का सत्यापन किया जाता है। यदि किसी जानकारी में त्रुटि है तो उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत ठीक किया जा सकता है। वहीं, नए पात्र मतदाताओं के पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 की व्यवस्था की गई है। चुनाव आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल के माध्यम से भी पात्र नागरिक फॉर्म-6 भरकर मतदाता के रूप में पंजीकरण करा सकते हैं।

भाजपा नेता ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि एसआईआर को लेकर जनता के बीच भ्रम फैलाने के बजाय राजनीतिक दलों और उनके नेताओं को पहले इसकी वास्तविक प्रक्रिया और तथ्यों को समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की ओर से निर्धारित प्रक्रिया के आधार पर ही मतदाता सूची का पुनरीक्षण किया जा रहा है।

परमार ने कहा कि मतदाता सूची का सही और अपडेट होना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने विपक्षी दलों से अपील की कि वे एसआईआर को लेकर किसी भी तरह की टिप्पणी करने से पहले चुनाव आयोग की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी का अध्ययन करें और तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखें।

पत्रकारवार्ता के दौरान भरमौर के विधायक डॉ. जनक राज, पूर्व विधायक एवं भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रवि ठाकुर, जिला भाजपा अध्यक्ष रिगजिन हायरापा और जिला महामंत्री संजय कटोच भी मौजूद रहे।

--आईएएनएस

एसएके/वीसी