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दक्षिण अफ्रीकी समुद्री तट पर जुटे चीन, रूस और ईरान के जंगी जहाज

 

नई दिल्ली, 10 जनवरी (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उग्र तेवर के बीच चीन, रूस और ईरान की जंगी जहाजें दक्षिण अफ्रीका में जुटी हैं। यहां शनिवार से जॉइंट नेवल एक्सरसाइज 'विल फॉर पीस 2026' शुरू हुआ है। मेजबान देश ने इसे ब्रिक्स प्लस ऑपरेशन बताया है। जिसका मकसद दुनिया को शांति का संदेश देने के साथ ही "शिपिंग और समुद्री आर्थिक गतिविधियों की सुरक्षा पक्की" करना है।

साउथ अफ्रीकन डिफेंस डिपार्टमेंट के मुताबिक, इस साल के अभियान का नेतृत्व चीन कर रहा है और इसे साउथ अफ्रीका का साइमन टाउन नेवल बेस होस्ट कर रहा है। नेवल ड्रिल 16 जनवरी तक चलेगी।

ब्रिक्स प्लस एक भूराजनीतिक ब्लॉक का विस्तार है जिसमें असल में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और साउथ अफ्रीका शामिल थे—और सदस्य इसे यूएस और पश्चिमी देशों के आर्थिक दबदबे के मुकाबले में मजबूत दावेदार के तौर पर देखते हैं—जिसमें छह और देश शामिल हैं।

हालांकि साउथ अफ्रीका नियमित तौर पर चीन और रूस के साथ नौसैनिक युद्धाभ्यास करता है, लेकिन यह ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका के डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन और चीन, ईरान, साउथ अफ्रीका और ब्राजील समेत कई ब्रिक्स प्लस देशों के बीच तनाव बढ़ गया है।

बढ़े हुए ग्रुप में मिस्र, इंडोनेशिया, सऊदी अरब, इथियोपिया और यूनाइटेड अरब अमीरात भी शामिल हैं।

उद्घाटन समारोह के दौरान चीनी अधिकारियों ने कहा कि ब्राजील, मिस्र और इथियोपिया ने पर्यवेक्षक के तौर पर हिस्सा लिया है। साउथ अफ्रीका की मिलिट्री ने एक बयान में कहा, "विल फॉर पीस 2026 युद्धाभ्यास ब्रिक्स प्लस देशों की नेवी को ... जॉइंट मैरीटाइम सेफ्टी ऑपरेशन (और) इंटरऑपरेबिलिटी ड्रिल के लिए एक साथ लाता है।"

संयुक्त युद्धाभ्यास के कार्यवाहक प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल एमफो माथेबुला ने रॉयटर्स को बताया कि सभी सदस्यों को न्योता दिया गया था।

बता दें कि ट्रंप ने ब्रिक्स देशों पर "अमेरिका विरोधी" राजनीति करने का आरोप लगाया है और पिछले साल जनवरी में सभी सदस्यों को दुनिया भर के देशों पर पहले से ही लगाए जा रहे ड्यूटी के ऊपर 10 फीसदी ट्रेड टैरिफ लगाने की धमकी दी थी।

साउथ अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा की पार्टी के गठबंधन में शामिल दल ने कहा कि ये एक्सरसाइज "हमारी बताई गई तटस्थता की नीति के उलट हैं" और ब्रिक्स ने "अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर साउथ अफ्रीका को एक मोहरा बना दिया है।"

हालांकि सैन्य प्रवक्ता माथेबुला ने उस आलोचना को खारिज कर दिया।

रॉयटर्स ने माथेबुला के हवाले से बताया, "यह कोई सियासी व्यवस्था नहीं है... इसमें किसी के प्रति कोई दुश्मनी नहीं है।" उन्होंने बताया कि साउथ अफ्रीका ने भी समय-समय पर यूएस नेवी के साथ एक्सरसाइज की है।

उन्होंने कहा, "यह एक नेवल एक्सरसाइज है। इसका मकसद हमारी काबिलियत को बेहतर बनाना और जानकारी शेयर करना है।"

साउथ अफ्रीकन नेशनल डिफेंस फोर्स ने गुरुवार को पीपल्स लिबरेशन आर्मी नेवी (प्लान) के डिस्ट्रॉयर सीएनएस तांगशान (122), फ्लीट ऑइलर सीएनएस ताइहू (889) और ईरानी नेवी एक्सपेडिशनरी सी बेस आईरिस मकरान (441) के साइमन टाउन पहुंचने की तस्वीरें जारी कीं। साउथ अफ्रीकन नेवी का फ्रिगेट एसएएस अमाटोला (एफ145) भी बेस पर डॉक किया गया था।

--आईएएनएस

केआर/