चीन में 'जय हो' की गूंज सुनना, मेरे करियर के सबसे यादगार पलों में से एक: चिराग शेट्टी
नई दिल्ली, 17 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय बैडमिंटन स्टार चिराग शेट्टी ने अपने करियर के सबसे भावुक और यादगार पलों को साझा करते हुए कहा कि एशियन गेम्स 2023 में स्वर्ण पदक जीतने के बाद चीन के हांग्जो एरीना में 'जय हो' बजते हुए सुनना उनके जीवन के सबसे यादगार पलों में से एक है। उस जीत के साथ ही चिराग और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी की जोड़ी पुरुष युगल में दुनिया की नंबर एक बनी थी।
चिराग ने एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान बताया कि प्रतियोगिता के दौरान उनका पूरा ध्यान केवल स्वर्ण पदक जीतने पर था। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड नंबर-1 बनने की खबर भी उनके लिए उस समय उतनी महत्वपूर्ण नहीं थी, क्योंकि उनका लक्ष्य एशियन गेम्स का खिताब अपने नाम करना था।
उन्होंने कहा, "पूरे टूर्नामेंट के दौरान वह इन्फ्लूएंजा से जूझ रहे थे। सेमीफाइनल के बाद कोच ने बताया कि वह और सात्विक दुनिया की नंबर एक जोड़ी बन चुके हैं। हालांकि, हमें फाइनल जीतने की चिंता थी। वर्ल्ड नंबर-1 बनने के साथ एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक जीतना हमारे करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल है।"
चिराग ने फाइनल के बाद के जश्न को याद करते हुए कहा कि जैसे ही जीत पक्की हुई, स्टेडियम में 'जय हो' गीत बजने लगा। विदेशी धरती पर भारतीय गीत सुनना उनके लिए बेहद गर्व का क्षण था। वह और सात्विक कोर्ट पर ही नाचने लगे और अपनी टी-शर्ट दर्शकों की ओर उछालकर इस ऐतिहासिक सफलता का जश्न मनाया। जब किसी दूसरे देश में आपके सम्मान में आपके देश का गीत बजता है, तो वह अनुभव शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।
27 वर्षीय शटलर ने यह भी बताया कि टूर्नामेंट से पहले उनकी तबीयत इतनी खराब थी कि तेज बुखार के कारण वह ठीक से चल भी नहीं पा रहे थे। इसके बावजूद उन्होंने खुद को संभाला और देश के लिए स्वर्ण पदक जीता।
चिराग ने युवा खिलाड़ियों को संदेश देते हुए कहा कि केवल अंतिम लक्ष्य के पीछे भागने के बजाय पूरी प्रक्रिया का आनंद लेना चाहिए। कड़ी मेहनत, अनुशासन और लगातार सीखने की इच्छा ही बड़ी सफलता दिलाती है।
--आईएएनएस
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