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छत्तीसगढ़ : ट्रिपल मर्डर केस में कोर्ट का बड़ा फैसला, पांचों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा

 

रायपुर, 12 अगस्त (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ के धमतरी में हुए ट्रिपल मर्डर केस में कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला सामने आया है। राज्य के थाना अर्जुनी क्षेत्र के ग्राम भोयना स्थित अन्नपूर्णा ढाबा के पास हुए तिहरे हत्याकांड के बहुचर्चित प्रकरण में प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश, धमतरी द्वारा बुधवार को महत्वपूर्ण निर्णय पारित करते हुए एक वर्ष के अंदर पांचों आरोपियों को दोषसिद्ध कर आजीवन कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया गया है।

न्यायालय ने भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं के तहत आरोपियों को दोषसिद्ध किया। पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों के कथनों एवं विवेचना के दौरान संकलित महत्वपूर्ण साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए कठोर दंड से दंडित किया।

यह पूरा मामला 11 अगस्त 2025 का है, जब रात्रि लगभग 11:20 बजे ग्राम भोयना स्थित अन्नपूर्णा ढाबा के पास मामूली विवाद को लेकर आरोपियों एवं मृतकों के बीच विवाद, गाली-गलौज एवं मारपीट हुई। इसी दौरान मुख्य आरोपी गोपी दीवान द्वारा धारदार चाकू से आलोक सिंह ठाकुर, नितीन टांडी एवं सुरेश हियाल पर जानलेवा वार किए गए, जिससे तीनों युवकों की मृत्यु हो गई।

घटना की सूचना प्राप्त होते ही थाना अर्जुनी पुलिस तत्काल पहुंची और पुलिस अधीक्षक धमतरी के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं सीएसपी के मार्गदर्शन में त्वरित कार्रवाई शुरू की। पुलिस टीमों ने लगातार दबिश एवं सघन तलाशी अभियान चलाकर घटना में शामिल आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया। घटना में प्रयुक्त धारदार चाकू भी बरामद किया गया।

घटना की जांच में पुलिस द्वारा कुल 8 आरोपियों की पहचान की गई, जिनमें तीन नाबालिग थे। आरोपियों की पहचान गोपी दीवान (उम्र 20 वर्ष, निवासी ग्राम मथुराडीह, थाना अर्जुनी, जिला धमतरी - मुख्य आरोपी), कुलेश्वर नेताम (उम्र 25 वर्ष, निवासी ग्राम कोर्रा, थाना भखारा, जिला धमतरी), रणवीर कुमार साहू (उम्र 20 वर्ष, निवासी ग्राम ईर्रा, थाना भखारा, जिला धमतरी), कमलेश ध्रुव (उम्र 19 वर्ष, निवासी आमापारा, धमतरी) और गौतम दीवान (उम्र 22 वर्ष, निवासी ग्राम मथुराडीह, थाना अर्जुनी, जिला धमतरी) के रूप में हुई।

थाना अर्जुनी पुलिस द्वारा प्रकरण की विवेचना में घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्यों का संकलन, गवाहों के कथनों का विधिवत लेखन, घटना में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी तथा अन्य आवश्यक साक्ष्यों को सुरक्षित करते हुए प्रकरण को मजबूत साक्ष्य के साथ न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। पुलिस की प्रभावी एवं साक्ष्य आधारित विवेचना तथा अभियोजन की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप न्यायालय द्वारा पांचों वयस्क आरोपियों को दोषसिद्ध करते हुए आजीवन कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया गया।

न्यायालय द्वारा मुख्य आरोपी गोपी दीवान को विभिन्न गंभीर धाराओं में दोषसिद्ध किया गया है। इसके अलावा उस पर जुर्माना भी लगाया गया है।

पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय ने कहा कि गंभीर एवं जघन्य अपराधों में त्वरित कार्रवाई के साथ-साथ मजबूत विवेचना और न्यायालय में दोषसिद्धि सुनिश्चित करना धमतरी पुलिस की प्राथमिकता है। इस प्रकरण में पुलिस की प्रभावी विवेचना एवं अभियोजन की पैरवी के कारण एक वर्ष के अंदर ही दोषियों को कठोर सजा मिली है, जिससे पीड़ित परिवारों को न्याय मिला है।

उन्होंने आगे कहा कि धमतरी पुलिस गंभीर एवं जघन्य अपराधों के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति के तहत कार्य कर रही है। अपराध घटित होने के बाद त्वरित कार्रवाई, आरोपियों की गिरफ्तारी, साक्ष्यों का वैज्ञानिक संकलन एवं न्यायालय में प्रभावी पैरवी के माध्यम से अपराधियों को कानून के कठघरे तक पहुंचाने के लिए पुलिस पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्यरत है।

--आईएएनएस

डीके/एबीएम