छात्रों पर दर्ज केस वापस लेने के फैसले का रिया अहीर ने किया स्वागत, कंगना रनौत की टिप्पणी पर जताई नाराजगी
मुंबई, 28 जुलाई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र में छात्र आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने के राज्य सरकार के फैसले का छात्र प्रदर्शनकारी रिया अहीर ने स्वागत किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देशों के बाद सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम को उन्होंने सकारात्मक बताते हुए कहा कि इससे आंदोलन में शामिल छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी।
उन्होंने छात्र आंदोलन को लेकर भाजपा सांसद कंगना रनौत की टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी।
रिया अहीर ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि विरोध-प्रदर्शनों के दौरान छात्रों पर दर्ज मामले वापस लेने का फैसला सराहनीय है। उन्होंने बताया कि उनके खिलाफ भी सोमवार को मामला दर्ज किया गया था, जिसे लेकर वह खुद हैरान थीं।
रिया ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आया कि उनके खिलाफ केस क्यों दर्ज किया गया, जबकि उन्होंने केवल अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए छात्रों की आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि सरकार ने भी अब अपनी जिम्मेदारी निभाने की कोशिश की है और छात्रों पर दर्ज मामले वापस लेने का निर्णय राहत देने वाला है।
रिया अहीर ने कहा कि यदि सरकार तक छात्रों की जरूरतें और समस्याएं नहीं पहुंचेंगी, तो शिक्षा व्यवस्था में प्रभावी सुधार संभव नहीं हो पाएंगे। छात्र आंदोलन का उद्देश्य केवल अपनी मांगों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को सरकार तक पहुंचाना था, ताकि नीति निर्माण में छात्रों की चिंताओं को भी महत्व दिया जा सके।
भाजपा सांसद कंगना रनौत की टिप्पणी पर रिया अहीर ने असहमति जताई। उन्होंने कहा कि यदि अपने व्यवहार की बात करें तो आंदोलन के दौरान उन्होंने कोई गलत भाषा का इस्तेमाल नहीं किया और न ही किसी के खिलाफ अपशब्द कहे। उन्होंने कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि उनके साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया गया। यदि कंगना रनौत ने इस तरह की टिप्पणी की है तो यह उचित नहीं है और इससे छात्रों की भावनाएं आहत होती हैं।
उन्होंने आगे कहा कि कुछ लोगों की हरकतों के आधार पर पूरी जेनजी को गलत ठहराना उचित नहीं है। कंगना रनौत का इस प्रकार का बयान बेहद दुखद है और इससे उन युवाओं की छवि प्रभावित होती है, जो लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का प्रयास कर रहे हैं।
--आईएएनएस
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