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छात्रों के आंदोलन से हेमंत सोरेन सरकार पूरी तरह से बैकफुट पर आई : प्रतुल शाहदेव

 

रांची, 17 अगस्त (आईएएनएस)। मंत्रियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ छात्रों की बातचीत और एमएमडीआर संशोधन विधेयक 2026 को लेकर भाजपा नेता प्रतुल शाहदेव की प्रतिक्रिया सामने आई है।

आईएएनएस से बातचीत करते हुए छात्रों के आंदोलन पर प्रतुल शाह देव ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आज सुबह दो प्रश्न किए गए। पहला प्रश्न, उनकी ओर से वार्ता का क्रम क्यों तोड़ा गया और छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और आंसू गैस के गोले छोड़े गए। दूसरा प्रश्न यह है कि आज की वार्ता में मुख्यमंत्री क्यों शामिल नहीं हुए। छात्रों की ओर से स्पष्ट तौर से कहा गया है कि मंत्रियों पर भरोसा नहीं है क्योंकि इन्हीं मंत्रियों की ओर से छात्रों पर अभद्र टिप्पणियां की गई हैं।

प्रतुल शाह देव ने कहा कि छात्रों को लाइब्रेरी में होना चाहिए था, लेकिन मुख्यमंत्री ने इनको सड़कों पर बैठा दिया है। हम चाहते हैं कि गतिरोध दूर हो, छात्र अपने घरों को लौटें और पढ़ाई में लगें। छात्रों की ओर से मांग की जा रही है कि टीडीपीएल के माध्यम से जितनी भी परीक्षाएं कराई गई हैं, उनको रद्द करें। छात्रों की मांग सही है, क्योंकि टीडीपीएल के सभी अधिकारियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। मुख्यमंत्री को छात्रों की मांग मान लेनी चाहिए। यह सरकार डराने और धमकाने के वातावरण में काम करती है।

एमएमडीआर संशोधन विधेयक 2026 को लेकर प्रतुल शाह देव ने कहा कि छात्रों के आंदोलन से हेमंत सोरेन सरकार पूरी तरह से बैकफुट पर आ गई है। अब बचने का नया नैरेटिव खोज रही है। यह केवल छात्र आंदोलन से बचने का उपाय है।

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि विपक्ष के नेताओं में एक ट्रेंड चल गया है। प्रधानमंत्री की ओर से विपक्ष के नेताओं को कब कहा गया? प्रधानमंत्री की ओर 'दिमागी नक्सल' उन लोगों को कहा गया, जो खाते देश का हैं और भजते पाकिस्तान का है। नक्सलवाद को लगभग देश से समाप्त कर दिया गया है। बड़े-बड़े नक्सली समाप्त हो गए। लेकिन जो अर्बन नक्सल हैं, जो युवाओं को देश के खिलाफ हथियार उठाने की प्रेरणा देते हैं, उनको समाप्त करने की हमारी कोशिश रहेगी।

--आईएएनएस

एसडी/पीएम