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छात्रवृत्ति वितरण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, सभी विभाग नोडल अधिकारी नामित करें: मुख्य सचिव

 

लखनऊ, 3 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की छात्रवृत्ति योजनाओं के प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध संचालन के लिए सभी संबंधित विभागों में सचिव या विशेष सचिव स्तर के अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विभागों के बीच बेहतर समन्वय, समयबद्ध सत्यापन और जवाबदेही सुनिश्चित कर ही पात्र छात्र-छात्राओं तक छात्रवृत्ति का लाभ समय पर पहुंचाया जा सकेगा।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में छात्रवृत्ति वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने और पूर्व वर्षों में सामने आई समस्याओं की पुनरावृत्ति रोकने पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी शिक्षण संस्थान समाज कल्याण विभाग की ओर से जारी समय-सारिणी का कड़ाई से पालन करें तथा मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रमों, निर्धारित शुल्क, सीटों और अन्य आवश्यक सूचनाओं का पोर्टल पर समयबद्ध एवं त्रुटिरहित अंकन सुनिश्चित करें।

उन्होंने विश्वविद्यालयों और संबद्ध एजेंसियों को निर्देशित किया कि नए शिक्षण संस्थानों, नए पाठ्यक्रमों तथा सीटों में वृद्धि या कमी से जुड़े प्रस्तावों का निर्धारित समय में सत्यापन कर उन्हें मास्टर डाटाबेस में शामिल किया जाए। इससे छात्रवृत्ति आवेदन प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी और पात्र विद्यार्थियों को समय पर योजना का लाभ मिल सकेगा।

मुख्य सचिव ने कहा कि छात्रवृत्ति वितरण प्रक्रिया में आने वाली तकनीकी और प्रशासनिक समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। यदि पोर्टल पर गलत या अपूर्ण जानकारी अपलोड किए जाने के मामले सामने आते हैं तो संबंधित अधिकारियों और शिक्षण संस्थानों की जवाबदेही तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में बताया गया कि शैक्षणिक कैलेंडर के अनुरूप छात्र-छात्राओं को समय पर छात्रवृत्ति उपलब्ध कराने के लिए वित्तीय वर्ष एवं शैक्षिक सत्र 2026-27 हेतु अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, सामान्य वर्ग तथा अल्पसंख्यक वर्ग के विद्यार्थियों के लिए पूर्वदशम और दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजनाओं की विस्तृत समय-सारिणी जारी कर दी गई है। इसमें शिक्षण संस्थानों को मास्टर डाटाबेस में शामिल करने, विद्यार्थियों के ऑनलाइन आवेदन, सत्यापन तथा छात्रवृत्ति वितरण तक की पूरी प्रक्रिया निर्धारित की गई है।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि छात्रवृत्ति वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता, समयबद्धता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि कोई भी पात्र छात्र-छात्रा योजना के लाभ से वंचित न रहे।

--आईएएनएस

विकेटी/डीकेपी