×

छात्र बोले- नीट परीक्षा रद्द होने से मनोबल टूटा, दिन-रात की मेहनत पर फिरा पानी

 

जयपुर, 12 मई (आईएएनएस)। पेपर लीक और धांधली के कारण 3 मई को आयोजित हुई नीट यूजी परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। इसके साथ ही मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी है। कोटा में रहने वाले छात्रों ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि नीट पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने से उनका मनोबल टूट गया है।

बीकानेर में राजस्थान राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने नीट पेपर लीक मामले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जीरो टॉलरेंस के तहत इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी है। छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कोटा में रहकर तैयारी करने वाली छात्रा जिया ने कहा, "पेपर लीक होने से उसकी मेहनत पर पानी फिर गया। दो साल तक दिन-रात परीक्षा के लिए पढ़ाई की थी। अब एक महीने में दोबारा परीक्षा देना बड़ी चुनौती है। इस बार अगर परीक्षा देंगे भी तो शायद उतना अच्छा परिणाम न आए।"

छात्र मोहम्मद अहरान ने कहा, "पेपर लीक कराने वालों को तो कोई फर्क नहीं पड़ेगा, लेकिन परीक्षा देने वाले 20-22 लाख बच्चों पर इसका बहुत असर होगा। अब दोबारा परीक्षा देना बहुत बड़ा दबाव छात्रों पर होगा।"

कोटा में रह रहे एक छात्र ने कहा, "पेपर बार-बार लीक हो रहे हैं। ऐसा 2024 में भी हुआ था। इस बार पेपर इतना आसान था कि आसानी से कॉलेज में दाखिला मिल सकता था, लेकिन सपना टूट गया। अब नेशनल टेस्ट एजेंसी पर भरोसा नहीं रहा।"

कोटा में तैयारी करने वाली एक छात्रा ने कहा, "अगर परीक्षा दोबारा आयोजित की जाती है तो तैयारी की उस लय को फिर से कायम करना बहुत मुश्किल होगा। हम जानते हैं कि उस दौरान कैसा माहौल होता है। उस समय इतने सारे टेस्ट पेपर, प्रश्न और अभ्यास किए जाते हैं कि स्वाभाविक रूप से एक निश्चित स्तर का आत्मविश्वास विकसित हो जाता है।"

धौलपुर में नीट परीक्षा रद्द होने की खबरों से छात्रों ने निराशा व्यक्त की और कहा कि उनकी वर्षों की तैयारी प्रभावित हुई है। तीन साल से सीकर में तैयारी कर रहे हैं।

छात्र ऋषभ ने कहा कि यह निर्णय उनके लिए एक बड़ा झटका है। पिछले एक साल से सीकर में पढ़ रही छात्रा खुशी तोमर ने कहा कि परीक्षा रद्द होने से मनोबल प्रभावित हुआ है। सरकार को इस मुद्दे को गंभीरता से लेना चाहिए, क्योंकि यह लाखों उम्मीदवारों के भविष्य को प्रभावित करता है।

परीक्षा रद्द होने पर एक अभिभावक ने कहा, "हमें खुद समझ नहीं आ रहा कि बच्चों को हिम्मत कैसे दें, बहुत गलत हुआ है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। जिन बच्चों ने अच्छा स्कोर किया था, उनके लिए तो बहुत बुरा हुआ है। अब दोबारा इतनी जल्दी परीक्षा देना बड़ी चुनौती होगी।"

--आईएएनएस

ओपी/डीकेपी