☰
×

चेन्नई में ईडी का एक्शन, यूनिक एक्सपोर्ट्स निवेश धोखाधड़ी मामले में दो गिरफ्तार

 

चेन्नई, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) के चेन्नई जोनल ऑफिस-II ने यूनिक एक्सपोर्ट्स और उससे जुड़ी कंपनियों से जुड़े निवेश धोखाधड़ी की मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में 29 सितंबर को एस नवीन कुमार और एस मुथुसेल्वन को गिरफ्तार किया है।

दोनों आरोपियों को पीएमएलए की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया, जिसने दोनों को 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। ईडी की जांच तमिलनाडु पुलिस की डिस्ट्रिक्ट क्राइम ब्रांच, इरोड द्वारा आईपीसी और टीएनपीआईडी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी।

ईडी की जांच से पता चला है कि एस. नवीन कुमार, एस. मुथुसेल्वन और उनके साथियों ने यूनिक एक्सपोर्ट्स, ईस्ट वैली एग्रो फर्म्स और अन्य संबंधित कंपनियों के बैनर तले यूएनआई, एफएनपी, एफएपी और यूएन जैसी इन्वेस्टमेंट स्कीमें बनाईं और चलाईं।

उन्होंने मासूम निवेशकों को कृषि उत्पादों के एक्सपोर्ट से ज्यादा रिटर्न का वादा करके निवेश करने के लिए उकसाया। जांच में पाया गया कि यूनिक एक्सपोर्ट्स और संबंधित कंपनियों ने कोई खास एक्सपोर्ट नहीं किया, लेकिन एक्सपोर्ट से होने वाले मुनाफे पर ज्यादा रिटर्न का वादा करके निवेशकों से पैसे इकट्ठा करती रहीं।

आगे की जांच से पता चला है कि लगभग 35,759 निवेशकों से लगभग 1,417.86 करोड़ रुपए जुटाए गए थे। यूनिक एक्सपोर्ट्स से जुड़ी कंपनियों के विभिन्न बैंक अकाउंट्स में लगभग 719 करोड़ जमा पाए गए। निवेशकों का पैसा यूनिक एक्सपोर्ट्स, संबंधित कंपनियों, परिवार के सदस्यों और करीबी सहयोगियों के नाम पर खुले 100 से ज्यादा बैंक अकाउंट्स के जरिए घुमाया गया।

यूनिक एक्सपोर्ट्स के मालिक एस. नवीन कुमार इन इन्वेस्टमेंट स्कीमों के मास्टरमाइंड थे और बैंकिंग कामकाज और निवेशकों के पैसे के लेन-देन को कंट्रोल करते थे। बैंकिंग एनालिसिस से पता चला कि लगभग 390.90 करोड़ रुपए सैलरी पेमेंट के तौर पर दिखाए गए थे, जबकि उस कंपनी में केवल चार लोग काम करते थे।

इसके अलावा, बिना किसी असल कृषि उत्पाद की खरीद के ही प्याज और कमोडिटी की खरीद के तौर पर लगभग 79.56 रुपए करोड़ की एंट्री दर्ज की गई। इन लेन-देन का इस्तेमाल निवेशकों के पैसे को बिजनेस खर्च बताकर छिपाने और उसकी हेराफेरी करने के लिए किया गया था।

एस. मुथुसेल्वम ने इन स्कीमों को बनाने और चलाने, निवेशकों को जोड़ने और फंड को इधर-उधर करने में मुख्य भूमिका निभाई। जांच से पता चला कि लगभग 42.10 लाख रुपए के निवेश के बदले उन्हें रिटर्न, कमीशन, रेफरल बेनिफिट और अन्य पेमेंट के तौर पर लगभग 12.72 करोड़ रुपए मिले।

उन्होंने अपने पर्सनल अकाउंट और जुड़ी हुई कंपनियों, जैसे धन्यश्री एंटरप्राइजेज और यूनिवर्स369 इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के जरिए निवेशकों का पैसा लिया और बांटा। इससे पहले, ईडी ने 16 जून 2026 और 17 जून 2026 को एस. नवीन कुमार और उनके साथियों से जुड़ी नौ जगहों पर पीएमएलए की धारा 17 के तहत तलाशी ली थी। वहीं, आगे की जांच चल रही है।

--आईएएनएस

डीके/डीकेपी