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चीन के 'ओपन एक्सेस' शोध परिणामों को मिल रहा अंतरराष्ट्रीय ध्यान : रिपोर्ट

 

बीजिंग, 14 जुलाई (आईएएनएस)। वैश्विक शोध प्रकाशन संस्थान स्प्रिंगर नेचर की ओर से सोमवार को जारी एक श्वेत पत्र (व्हाइट पेपर) के अनुसार, जुलाई 2025 तक चीनी शोधकर्ताओं द्वारा 2022 में प्रकाशित 'गोल्डन ओपन एक्सेस' लेखों के लगभग 40 प्रतिशत उद्धरण चीन के बाहर से आए हैं। इससे साफ पता चलता है कि चीन के 'ओपन एक्सेस' शोध परिणाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी से लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं।

'ओपन एक्सेस' का मतलब यह है कि शोधकर्ता अपने अकादमिक परिणाम (रिसर्च) खुले प्रकाशनों या खुले मंचों पर पब्लिश करते हैं। इससे कोई भी पाठक उन्हें मुफ्त में खोज सकता है, डाउनलोड कर सकता है और उनकी कॉपी बना सकता है। वहीं, 'गोल्डन ओपन एक्सेस' का अर्थ है कि कोई लेख या किताब पब्लिशर के मंच पर खुले तौर पर प्रकाशित होती है, जो बिना किसी सब्सक्रिप्शन फीस के सभी के लिए उपलब्ध रहती है।

स्प्रिंगर नेचर की ओर से जारी किए गए इस श्वेत पत्र का शीर्षक 'खुलेपन के माध्यम से प्रभाव: चीनी गोल्डन ओपन एक्सेस वैश्विक नवाचार को बढ़ावा देता है और वैश्विक दक्षिण को लाभान्वित करता है' रखा गया है।

इस रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई 2025 तक, 2022 में प्रकाशित चीनी गोल्डन ओपन एक्सेस लेखों को चीन के बाहर के शोधकर्ताओं से 15.3 लाख से ज्यादा उद्धरण मिले हैं। इनमें से 7.42 लाख से अधिक उद्धरण ग्लोबल साउथ (वैश्विक दक्षिण) के शोधकर्ताओं के थे। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि चीन के शोध परिणाम तेजी से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। साथ ही, यह वैश्विक स्तर पर ज्ञान के आदान-प्रदान में ओपन एक्सेस पब्लिशिंग की महत्वपूर्ण भूमिका को भी दिखाता है।

स्प्रिंगर नेचर में ग्रेटर चाइना क्षेत्र के वर्तमान अध्यक्ष अर्नआउट जैकब्स ने बताया कि चीन के 2022 के गोल्डन ओपन एक्सेस लेखों ने ग्लोबल साउथ के शोधकर्ताओं का काफ़ी सकारात्मक ध्यान खींचा है। यह दर्शाता है कि किस तरह ओपन एक्सेस अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ज्ञान साझा करने, शोध परिणामों की पहुंच और वैश्विक शोध सहयोग को बढ़ावा देने का काम करता है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

--आईएएनएस

एबीएम/