चीन-दक्षिण एशिया संबंधों पर पांचवीं अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित
बीजिंग, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। शीत्सांग मिनत्सु विश्वविद्यालय में चीन (शीत्सांग)-दक्षिण एशिया संबंधों पर 5वीं अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की गई। भारत के दिल्ली विश्वविद्यालय, मेरठ चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, नेपाल के त्रिभुवन विश्वविद्यालय, चीन के छिंगहुआ विश्वविद्यालय, पेइचिंग विश्वविद्यालय समेत 30 से अधिक घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों के 70 से अधिक विशेषज्ञों और विद्वानों ने संगोष्ठी में भाग लिया।
उद्घाटन समारोह में, शीत्सांग मिनत्सु विश्वविद्यालय की उपाध्यक्ष त्सेतेन युझेन ने बताया कि विश्वविद्यालय दक्षिण एशिया अध्ययन, चीन-दक्षिण एशिया संबंध, दक्षिण एशियाई भाषाएं और संस्कृति, तथा सीमा प्रशासन और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में गहन शोध के लिए दक्षिण एशिया संस्थान का पूर्ण समर्थन करता है। इससे शीत्सांग के लिए दक्षिण एशिया के उन्मुख खुलेपन का एक महत्वपूर्ण मार्ग तैयार करने में मदद मिलेगी और शीत्सांग के उच्च स्तरीय आर्थिक और सामाजिक विकास तथा उच्च स्तरीय खुलेपन के लिए बौद्धिक समर्थन प्राप्त होगा।
इस संगोष्ठी का विषय था "महान परिवर्तनों के दौर में दक्षिण एशियाई सुरक्षा और सतत विकास।" विशेषज्ञों ने चीन-भारत संबंध, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सुरक्षा संबंधी सहयोग, दक्षिण एशियाई सुरक्षा परिदृश्य, भारत की सीमा नीति, सीमा पार आपदा प्रबंधन, अमेरिकी "इंडो-पैसिफिक" साझेदारी प्रणाली, यूरोपीय संघ-भारत संबंध और चीन-नेपाल रेलवे निर्माण जैसे विषयों पर चर्चा की।
उनकी चर्चाओं में दक्षिण एशियाई सुरक्षा और विकास से संबंधित वर्तमान चिंताओं को संबोधित किया गया और चीन-दक्षिण एशिया संबंधों पर गहन शोध के लिए विविध दृष्टिकोण और अकादमिक समर्थन प्रदान किया गया।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
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