चारधाम यात्रा को यादगार बनाने के लिए उत्तरकाशी में बन रहे 14 सेल्फी और व्यू प्वाइंट
उत्तरकाशी, 21 सितंबर (आईएएनएस)। चारधाम यात्रा को अधिक सुगम, सुरक्षित और यादगार बनाने के लिए जिला प्रशासन ने एक नई पहल शुरू की है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देशन में प्रमुख यात्रा मार्गों पर पुराने एवं जर्जर यात्री प्रतीक्षालयों का कायाकल्प कर आकर्षक सेल्फी प्वाइंट, व्यू प्वाइंट और पर्यटन सुविधाओं के रूप में विकसित किया जा रहा है।
जिला प्रशासन की इस विशेष कार्ययोजना के तहत चिन्यालीसौड़ से गंगोत्री धाम तथा धरासू बैंड से जानकीचट्टी तक राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे स्थित पुराने यात्री प्रतीक्षालयों को आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है।
लघु सिंचाई विभाग द्वारा चिन्हित स्थलों पर प्राकृतिक सौंदर्य और हिमालयी दृश्यों का आनंद लेने के लिए आकर्षक व्यू प्वाइंट विकसित किए जा रहे हैं।
लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता मदन मोहन शर्मा ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत भटवाड़ी, नौगांव, पुरोला और मोरी विकासखंडों में कुल 31.32 लाख रुपए की लागत से 14 निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इनमें हीना पार्किंग, मनेरी डैम झरना, डबरानी, सुक्कीटॉप, झाला, हर्षिल, गंगोत्री धाम में दो स्थानों पर, यमुनोत्री यात्रा मार्ग पर दो स्थानों पर, लाखामंडल यात्रा मार्ग, पुरोला और मोरी सहित कई प्रमुख स्थलों पर व्यू प्वाइंट, सेल्फी प्वाइंट और पथ प्रदर्शक स्तंभ स्थापित किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इस पहल से यात्रियों को विश्राम, प्राकृतिक सौंदर्य के अवलोकन और फोटोग्राफी की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही जनपद के पर्यटन बुनियादी ढांचे को नई मजबूती मिलेगी। पुराने विश्रामालयों के पुनरुद्धार और नए आकर्षण विकसित होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे तथा उत्तरकाशी की सकारात्मक पर्यटन छवि को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। आने वाले समय में इससे यहां पर्यटन में काफी बढ़ावा देखने को मिलेगा। जब लोग इस प्वाइंट पर आकर फोटो लेंगे तो इसका प्रचार भी तेजी से होगा।
परियोजना के अंतर्गत प्रस्तावित 14 स्थलों में से 10 का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। हीना पार्किंग में सेल्फी प्वाइंट, डबरानी में पथ प्रदर्शक स्तंभ, पुरोला में व्यू एवं सेल्फी प्वाइंट तथा मोरी में यात्रा मार्ग पुनरुद्धार और सेल्फी प्वाइंट का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। शेष कार्यों को भी इसी माह के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इस परियोजना का उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही जनपद के पर्यटन ढांचे को सुदृढ़ करना है।
--आईएएनएस
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