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चाकण-हिंजवडी इंफ्रा को सीएम देवेंद्र फडणवीस की मंजूरी, 1,826 करोड़ के प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी

 

मुंबई, 28 सितंबर (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने चाकण में सड़कें, बुनियादी सुविधाएं, यातायात प्रबंधन, बरसाती पानी निकासी प्रबंधन आदि के सुधार के लिए 1 हजार 400 करोड़ रुपए के प्लान और हिंजवडी में ट्रैफिक जाम को दूर करने के लिए प्रस्तावित 426 करोड़ रुपये के प्लान को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।

सह्याद्री अतिथि गृह में हुई बैठक में इस प्लान का प्रेजेंटेशन किया गया। इस दौरान नगर विकास राज्यमंत्री माधुरी मिसाल, मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के सचिव मौजूद थे। पुणे के जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी ने प्लान का प्रेजेंटेशन किया।

डुडी ने बताया कि चाकण और हिंजवडी के प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने के लिए दिसंबर से काम शुरू करने की योजना है और अगले मानसून से पहले चाकण में यातायात और जल निकासी की समस्याओं में उल्लेखनीय सुधार किया जाएगा।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि चाकण में बुनियादी सुविधा विकास के लिए एमआईडीसी, पीएमआरडीए, सार्वजनिक निर्माण विभाग, जिला परिषद और अन्य संबंधित एजेंसियों को मिलकर काम करना होगा। सड़कों, बरसाती नाले, यातायात प्रबंधन और सार्वजनिक सुविधाओं के कामों के लिए विभिन्न विभागों के फंड और सिस्टम का समन्वय किया जाए।

चाकण औद्योगिक परिसर में बरसात में पानी भरने की समस्या गंभीर हो गई है। परिसर के लगभग 78 किलोमीटर लंबे प्राकृतिक नालों पर अतिक्रमण होने से पानी का बहाव रुक रहा है। इससे औद्योगिक कंपनियों में पानी घुसना, यातायात बाधित होना और कई बार कंपनियों का कामकाज बंद रखने की नौबत आती है। इस समस्या के समाधान के लिए प्राकृतिक नालों को खाली करना, सड़कों के दोनों किनारों पर बरसाती पानी निकासी व्यवस्था बनाना, कल्वर्ट और पुलों की क्षमता बढ़ाना और जरूरी जगहों पर पानी संचय की व्यवस्था बनाने की योजना है। सिंचाई विभाग द्वारा किए गए सर्वे के आधार पर नालों के रास्ते तय किए गए हैं।

नालों पर अतिक्रमण हटाने की लगभग 70 से 80 प्रतिशत कार्रवाई पूरी हो चुकी है। बाकी बाधाओं को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा। कुछ जगहों पर संबंधित निर्माण हटाना, तो कुछ जगहों पर प्राकृतिक नालों के लिए जमीन उपलब्ध कराना जरूरी है। जून 2027 तक प्राकृतिक नाले खाली कर पानी निकासी व्यवस्था पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही लगभग 38 किलोमीटर लंबी सड़क किनारे बरसाती नाली व्यवस्था बनाने की योजना है।

चाकण औद्योगिक परिसर में कुल 498 किलोमीटर सड़क नेटवर्क का अध्ययन किया गया है। यातायात घनत्व, औद्योगिक महत्व, माल ढुलाई, सड़कों की स्थिति, जलभराव की समस्या, सुरक्षा और कनेक्टिविटी के मानदंडों पर सड़कों का चयन किया गया है। इसके अनुसार पहले चरण में लगभग 75 किलोमीटर सड़कों का सुधार किया जाएगा।

इन सड़कों पर पैदल यात्रियों के लिए अलग रास्ता, बरसाती पानी निकासी, यातायात के लिए जरूरी सुविधाएं और सड़कों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी। उपलब्ध आरओडब्ल्यू का सही इस्तेमाल कर काम किया जाएगा और इस चरण में भू-अधिग्रहण की जरूरत नहीं होगी। सड़कों पर मौजूद अतिक्रमण हटाकर उपलब्ध जगह का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने की योजना है। इसके अलावा सड़कों के नीचे विभिन्न सर्विस लाइनों के लिए अलग जगह का भी प्रस्ताव है।

चाकण औद्योगिक परिसर में बड़ी संख्या में मजदूरों का आना-जाना होता है। लेकिन कई सड़कों पर पैदल यात्रियों के लिए अलग रास्ता और सुरक्षित क्रॉसिंग व्यवस्था नहीं होने से दुर्घटना का खतरा सर्वे में दिखा है। खासकर मजदूरों की शिफ्ट खत्म होने के बाद बड़ी संख्या में मजदूर सड़क पर पैदल चलते हैं जिससे हादसे हो रहे हैं। इस पृष्ठभूमि में चयनित सड़कों पर फुटपाथ, सुरक्षित क्रॉसिंग और यातायात नियंत्रण के उपाय किए जाएंगे। नेशनल हाईवे पर फ्लाईओवर के काम में भी पैदल यात्रियों के लिए जरूरी सुविधाएं शामिल करने का प्रस्ताव है।

चाकण में पुणे और पिंपरी-चिंचवड परिसर से बड़ी संख्या में मजदूर और नागरिक आते हैं। इससे निजी वाहनों की संख्या बढ़कर ट्रैफिक जाम बनता है। इस समस्या के समाधान के लिए ट्रैफिक डेटा और बिग डेटा का इस्तेमाल कर पब्लिक ट्रांसपोर्ट का प्लान तैयार किया गया है।

पिंपरी-चिंचवड और पुणे परिसर से चाकण जाने वाले मजदूरों के लिए रूट-वाइज बस सेवा की योजना बनाई गई है। इसके लिए विभिन्न जगहों से लगभग 500 अतिरिक्त बसों की जरूरत है और बस सेवा बढ़ने से निजी वाहनों की संख्या कम होकर ट्रैफिक जाम कम होने में मदद मिलेगी, ऐसा अंदाजा प्लान में व्यक्त किया गया है।

परिसर के छह महत्वपूर्ण चौकों के सुधार की योजना है। चौकों का वैज्ञानिक तरीके से पुनर्गठन, ट्रैफिक फ्लो के अनुसार मोड़ की व्यवस्था और नेशनल हाईवे पर अनधिकृत डिवाइडरों को ठीक कर निर्धारित जगहों पर ही यू-टर्न की सुविधा देने का प्रस्ताव है। ट्रैफिक जाम और हादसे कम करने के लिए चाकण के महत्वपूर्ण चौकों पर एआई-आधारित ट्रैफिक सिग्नल सिस्टम, कैमरे, रडार, नंबर प्लेट पहचान प्रणाली और सेंट्रल कंट्रोल रूम बनाने की योजना है।

चाकण औद्योगिक परिसर में बड़े वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं होने से वाहन सड़कों पर खड़े किए जाते हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए एमआईडीसी ने पांच जगहों पर पार्किंग व्यवस्था उपलब्ध कराई है। इस पार्किंग का उपयोग बढ़ाने के लिए रणनीतिक व्यवस्था तैयार की गई है। बड़े वाहनों को सड़कों के बजाय पार्किंग में जगह उपलब्ध कराने की योजना है।

सड़कों के डिवाइडरों का सौंदर्यीकरण और रखरखाव निजी संस्थाओं की भागीदारी से करने का प्रस्ताव है। सड़कों के किनारे मौजूद औद्योगिक प्रतिष्ठानों की भागीदारी से परिसर का सौंदर्यीकरण, सार्वजनिक शौचालय और बस स्टॉप बनाने आदि काम करने का भी प्रस्ताव इस प्लान में रखा गया है।

चाकण औद्योगिक परिसर में पानी आपूर्ति योजना का काम 2027 में पूरा करने की योजना है। फिलहाल चाकण इंडस्ट्री एसोसिएशन द्वारा चलाई जा रही पानी आपूर्ति योजना महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण (एमजेपी) को सौंपने का प्रस्ताव रखा गया।

बिजली आपूर्ति के मामले में अल्पकालिक कमी को पूरा कर लिया गया है। एमआईडीसी ने जरूरी जमीन उपलब्ध करा दी है और 100 एमवीए क्षमता के सब-स्टेशन का काम दिसंबर में शुरू करने की योजना है। यह काम पूरा होने के बाद बिजली आपूर्ति से जुड़ी दिक्कतें कम होने की उम्मीद है।

कचरा प्रबंधन के लिए केंद्रीकृत प्रोसेसिंग सेंटर बनाया जाएगा। 14 गांवों और दो नगर परिषदों के कचरे के प्रोसेसिंग के लिए निविदा तैयार की गई हैं। पीएमआरडीए के माध्यम से यह व्यवस्था बनाकर कचरा संग्रहण और प्रोसेसिंग शुल्क के आधार पर प्रबंधन करने की योजना है। अगले आठ से दस महीनों में यह व्यवस्था शुरू करने का लक्ष्य है।

चाकण, तलेगांव और हिंजवडी परिसर में यातायात प्रबंधन के लिए एआई-आधारित सिस्टम बनाने की योजना है। ट्रैफिक पुलिस के साथ समन्वय कर कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से यातायात का नियंत्रण और नियम तोड़ने पर कार्रवाई की जाएगी। सीसीटीवी और इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी गई है। यातायात प्रबंधन के लिए महाराष्ट्र सुरक्षा बल के जवान उपलब्ध कराने की योजना है और चाकण परिसर के लिए एक अक्टूबर से 100 जवान उपलब्ध होंगे, ऐसा बताया गया।

हिंजवडी में ट्रैफिक जाम दूर करने के लिए 426 करोड़ रुपए का अलग प्लान तैयार किया गया है। हिंजवडी में बिजली आपूर्ति की दिक्कतों को दूर करने के लिए छह एकड़ जमीन उपलब्ध कराई गई है। साथ ही यातायात और अन्य प्रबंधन के लिए महाराष्ट्र सुरक्षा बल के 100 जवान उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू है।

हिंजवडी परिसर में कचरा प्रबंधन के लिए भी पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका या पुणे महानगरपालिका के माध्यम से कचरा संग्रहण शुरू किया जाएगा।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी