राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर विधानसभा में बवाल, सचिन यादव निलंबित, नेता प्रतिपक्ष के समझाने पर धरना खत्म
लखनऊ, 4 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मुद्दे पर सदन में जोरदार हंगामा हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन के दौरान विरोध प्रदर्शन और पोस्टर लहराने पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने समाजवादी पार्टी के विधायक सचिन यादव को पूरे मानसून सत्र के लिए निलंबित कर दिया।
इसके विरोध में सचिन यादव विधानसभा परिसर में धरने पर बैठ गए। बाद में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के समझाने पर उन्होंने धरना समाप्त कर दिया।
उत्तर प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखा टकराव देखने को मिला। सदन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन के दौरान समाजवादी पार्टी के विधायक सचिन यादव ने विरोध स्वरूप मुख्यमंत्री के पुराने बयान से जुड़ा पोस्टर लहराया। इस पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कड़ी आपत्ति जताते हुए उन्हें पूरे मानसून सत्र के लिए निलंबित कर दिया।
अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान इस प्रकार का आचरण सदन की गरिमा के अनुरूप नहीं है। इसके बाद सचिन यादव सदन से बाहर निकल गए और विधानसभा परिसर में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठ गए।
धरने की सूचना मिलते ही समाजवादी पार्टी के 20 से अधिक विधायक उनके समर्थन में पहुंच गए। इनमें रागिनी सोनकर, अतुल प्रधान, कमाल अख्तर, ओमप्रकाश सिंह, आरके वर्मा सहित कई विधायक शामिल थे। सभी ने निलंबन की कार्रवाई को लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत बताते हुए विरोध दर्ज कराया। कुछ देर बाद नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय, वरिष्ठ सपा नेता बलराम यादव और ओमप्रकाश सिंह धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने सचिन यादव से बातचीत कर धरना समाप्त करने की अपील की।
नेताओं के समझाने के बाद सचिन यादव ने अपना धरना समाप्त कर दिया। धरना समाप्त करने से पहले सचिन यादव ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने नियम-311 के तहत राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी के मामले पर चर्चा कराने की मांग की थी, लेकिन सरकार ने इसे स्वीकार नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे पर सदन में चर्चा से बचना चाहती है।
सपा विधायक ने कहा कि चढ़ावा करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय है और इस पर चर्चा होनी चाहिए थी। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री के पुराने बयान की याद दिलाने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज दबाने के लिए यह कार्रवाई की गई।
गौरतलब है कि राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मुद्दा मंगलवार को विधानसभा की कार्यवाही के दौरान लगातार छाया रहा। इस मुद्दे पर विपक्ष के विरोध और सचिन यादव के निलंबन के बाद सदन का राजनीतिक माहौल काफी गरमा गया। हालांकि नेता प्रतिपक्ष के हस्तक्षेप के बाद विधानसभा परिसर में चल रहा धरना समाप्त हो गया।
--आईएएनएस
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